डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ मध्यप्रदेश के डिंडौरी में रविवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान आस्था, भक्ति और आपसी भाईचारे का एक अनोखा नजारा देखने को मिला। पूरी आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई इस रथयात्रा में ऐसा सैलाब उमड़ा कि चारों तरफ बस ‘जय जगन्नाथ’ का जयघोष ही गूंजता रहा। पूरा शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
यह भव्य रथयात्रा पुरानी डिंडौरी के कंपनी चौक से पूरी रीति-रिवाज के साथ शुरू हुई। भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथों को खींचने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। नगर के प्रमुख रास्तों से गुजरते हुए यह यात्रा मेकलसुता कॉलेज पहुंचकर संपन्न हुई। रास्ते भर सनातन संस्कृति की झलक दिखाती सुंदर और आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं, जिन्हें देखने के लिए हर कोई खिंचा चला आया।
भगवान के दर्शन की ललक ऐसी थी कि लोग घंटों पहले से ही सड़कों के दोनों किनारे कतारों में खड़े रहे। जैसे ही भगवान का रथ वहां से गुजरा, श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया, आरती उतारी और सुख-समृद्धि की दुआएं मांगी। ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे और शंखध्वनि के बीच लोग हरी कीर्तन करते हुए झूमते और नाचते नजर आए।

इस धार्मिक उत्सव में डिंडौरी जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया भी विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने न सिर्फ भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और जिले की सुख-शांति व खुशहाली की प्रार्थना की, बल्कि रथ के आगे खुद झाड़ू लगाकर श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ाया। उन्होंने इस मौके पर सभी जिलेवासियों को रथयात्रा की बधाई दी और रास्ते में खड़े लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया।
इतनी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। यात्रा के पूरे रूट पर पुलिस बल तैनात रहा और आला अधिकारी खुद हर व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। प्रशासन की इसी चौकसी की वजह से पूरी रथयात्रा बिना किसी रुकावट के बेहद शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ संपन्न हुई, जिसने डिंडौरी के इतिहास में एक और यादगार अध्याय जोड़ दिया।
