मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस बार मामला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम से प्रसारित एक कथित AI-जनरेटेड पोस्टर का है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्टर में राम मंदिर चंदे से जुड़ा दावा किया गया है, जिसे कांग्रेस ने पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है. इस घटना के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली है. कांग्रेस का आरोप है कि आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल कर पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. इसी को लेकर पार्टी ने पुलिस से कार्रवाई की मांग करते हुए आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है.
पुलिस मुख्यालय पहुंचा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल
मामले को गंभीर मानते हुए कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचा. यहां नेताओं ने साइबर क्राइम के एडीजी साई मनोहर से मुलाकात की और पूरे मामले की लिखित शिकायत सौंपी. पार्टी ने अपनी शिकायत में मांग की है कि सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्टर तैयार कर उसे वायरल करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. कांग्रेस ने संबंधित आरोपियों पर कड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जल्द गिरफ्तारी की भी मांग की है.
कांग्रेस ने लगाया छवि खराब करने का आरोप
कांग्रेस का कहना है कि वायरल पोस्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना है. पार्टी का दावा है कि इस तरह की भ्रामक सामग्री के जरिए लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है.
प्रदेश प्रवक्ता ने लगाए गंभीर आरोप
मामले पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल और उससे जुड़े आईटी नेटवर्क द्वारा AI जैसी आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से की गई है, ताकि जीतू पटवारी और कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके. साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई करने की मांग की.
निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर फर्जी और AI से तैयार सामग्री तेजी से फैल रही है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. पार्टी ने पुलिस से पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों की पहचान करने और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है. अब यह मामला जांच एजेंसियों के पास पहुंच चुका है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल पोस्टर किसने तैयार किया, उसे किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही.
