केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है. इस बीच मध्य प्रदेश सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री और धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान काफी समय पहले ही अपने पद से इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन उस वक्त पार्टी नेतृत्व ने उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी थी. बाद में संगठन के निर्णय के अनुसार उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया.
विपक्ष को मिला केवल अस्थायी मुद्दा
धार जिले के अमझेरा में मीडिया से बातचीत करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने हाल के छात्र आंदोलनों और उनके राजनीतिक प्रभाव पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े और लोकतांत्रिक देश में छोटे-छोटे आंदोलन लंबे समय तक राजनीतिक माहौल को प्रभावित नहीं कर सकते. उनके मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम से अगर किसी को कुछ समय के लिए फायदा मिला है तो वह विपक्ष है, जिसे सरकार पर हमला करने का एक मुद्दा मिल गया.
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन केंद्र सरकार की रणनीति और संगठन के फैसलों ने कुछ ही दिनों में पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी. विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर लगातार मांग उठ रही थी, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ने सभी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद लिया.
इस्तीफे को लेकर किया बड़ा दावा
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान पहले से ही पद छोड़ने की इच्छा जता चुके थे. हालांकि, उस समय पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जिम्मेदारी निभाने के लिए कहा था. बाद में जब संगठन ने उचित समझा, तब उन्होंने इस्तीफा दिया. विजयवर्गीय के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और विपक्ष भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है.
रेलवे परियोजना का भी लिया जायजा
धार दौरे के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने गंधवानी विधानसभा क्षेत्र में बन रहे टांडा रोड रेलवे स्टेशन का निरीक्षण भी किया. उन्होंने स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर-छोटा उदयपुर रेल परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इस परियोजना के पूरा होने से स्थानीय लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी, साथ ही व्यापार, रोजगार और आवागमन को भी नई गति मिलेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह रेल परियोजना पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी
