छिंदवाड़ा/ तौफीक मिस्किनी/ खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ ने एक बार फिर सूबे की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला है। अपने दो दिवसीय प्रवास पर छिंदवाड़ा पहुंचे कमलनाथ ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और आर्थिक स्थिति को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके साथ पूर्व सांसद नकुलनाथ भी मौजूद रहे।
गर्मजोशी से हुआ स्वागत
शनिवार को जब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ का विमान इमलीखेड़ा एयर स्ट्रिप पर उतरा, तो वहां पहले से मौजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका आतिशबाजी और नारों के साथ जोरदार स्वागत किया। कार्यकर्ताओं के उत्साह के बीच कमलनाथ ने स्थानीय नेताओं से मुलाकात की और क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति का जायजा लिया।
बेरोजगारी के आंकड़ों पर सरकार को घेरा इमलीखेड़ा एयर स्ट्रिप पर मीडिया से मुखातिब होते हुए कमलनाथ ने राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पेश किए गए बेरोजगारी के आंकड़ों को सिरे से खारिज कर दिया। सरकार के उस दावे पर, जिसमें प्रदेश में बेरोजगारी दर महज एक से डेढ़ प्रतिशत बताई गई है, कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा, शायद यह सरकार प्रदेश की जनता को मूर्ख समझती है। जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। आज सच्चाई यह है कि मध्यप्रदेश पूरे देश में बेरोजगारी के मामले में नंबर वन पायदान पर खड़ा है। हर घर में पढ़ा-लिखा युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, लेकिन सरकार कागजी आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है।
GDP और अर्थव्यवस्था पर जताई चिंता बेरोजगारी के साथ-साथ कमलनाथ ने प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वर्तमान स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार चरमरा रही है और यह बेहद दुखद है कि विकास के बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार बुनियादी आर्थिक मोर्चों पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल प्रचार-प्रसार में व्यस्त है, जबकि जनता महंगाई और मंदी की मार झेल रही है।
दो दिवसीय व्यस्त कार्यक्रम अपने इस प्रवास के दौरान कमलनाथ और नकुलनाथ छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र के विभिन्न राजनैतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। वे स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर आगामी रणनीतियों पर चर्चा करेंगे और आम जनता से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। राजनीतिक गलियारों में कमलनाथ के इस दौरे को संगठन में नई जान फूंकने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।


