करवा चौथ पर साहित्यकार शैलेन्द्र पयासी की विशेष रचना समर्पित है नारी शक्ति को…
रखती करवा चौथ व्रत, सारी नारी आज।
पतियों के दर्शन करें, सुंदर करती साज।।
चाँद देख पारण करें,आज सुहागिन नार।
अपने पति को देखकर, करती है दीदार।।
इंतजार है चाँद का, उसको करें प्रणाम।
पूर्ण निर्जला व्रत रखें, कर श्रृंगार तमाम।।
साथ निभाना प्रीत में, रहना मेरे पास।
रहूँ सुहागिन उम्र भर, तुम हो मेरी आस।।
सदा निरोगी तुम रहो, देना साजन साथ।
चाँद रूप पाया तुम्हें, थामो मेरा हाथ।।
अमर प्रेम बंधन जुड़ा, खुशियाँ रहे अपार।
रखती करवा चौथ व्रत,करती सजनी प्यार।।
सभी सुहागिन व्रत रखें, करती है उपवास।
सात जन्म पाऊं तुम्हें, करती हूँ मैं आस।।
पावन करवा चौथ है, बहुत पुरानी रीत।
जीवन खुशियों से सजा,मन को भाती प्रीत।।

शैलेन्द्र पयासी, साहित्यकार
विजयराघवगढ़,कटनी, एमपी

