खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर /कटनी– कटनी जिले से होकर गुजरने वाले बाईपास मार्ग पर कथित तौर पर पशुओं की क्रूरता और अवैध परिवहन का बड़ा खेल लंबे समय से चलने की चर्चा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि बुधवार और शनिवार को बड़ी संख्या में ऐसे ट्रक नागोद, मैहर, सतना और कटनी जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं, जिनमें 200 से 250 तक भेड़-बकरियों को अमानवीय और कथित रूप से पशु क्रूरता के नियमों का उल्लंघन करते हुए ठूंस-ठूंसकर भरा जाता है।बताया जाता है कि कटनी बाईपास स्थित कुछ कथित ढाबों के आसपास इन ट्रकों को कुछ समय के लिए खड़ा किया जाता है, जहां पशुओं को नीचे उतारकर थोड़ी देर चराया जाता है। इसके बाद फिर से उन्हीं ट्रकों में क्षमता से अधिक संख्या में भरकर जबलपुर मार्ग होते हुए हैदराबाद की ओर रवाना कर दिया जाता है।स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार यह गतिविधि कोई नई नहीं, बल्कि लंबे समय से संचालित हो रही है। आरोप है कि इसके बावजूद अब तक पुलिस, परिवहन विभाग, पशुपालन विभाग अथवा अन्य जिम्मेदार एजेंसियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।सूत्रों का यह भी दावा है कि इस पूरे कथित नेटवर्क का संचालन जबलपुर से जुड़े पशु तस्करों द्वारा किया जा रहा है। यदि यह दावा सही है तो यह केवल पशु क्रूरता का मामला नहीं, बल्कि अंतरजिला स्तर पर संचालित एक संगठित नेटवर्क की ओर भी संकेत करता है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ये ट्रक विभिन्न थाना क्षेत्रों, चौकियों, टोल नाकों तथा वन एवं खनिज जांच चौकियों से होकर गुजरते हैं, तब भी यदि कथित रूप से क्षमता से अधिक पशु परिवहन हो रहा है, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।यदि ट्रकों में वास्तव में निर्धारित मानकों से अधिक पशु भरकर ले जाए जा रहे हैं, तो यह पशु क्रूरता से जुड़े कानूनों और पशु परिवहन संबंधी नियमों का उल्लंघन हो सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों द्वारा तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी 9131308097
