Monday, November 2, 2026
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उफनती नदी-नालों से रहें दूर, जान जोखिम में न डालें कलेक्टर आशीष तिवारी की अपील रील के चक्कर मे स्वयं को खतरे मे ना डाले

खबर डिजिटल न्यूज़ कटनी— जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच नदी-नालों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने लगा है। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिलेवासियों से विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने साफ कहा कि उफनती नदी, नाले या पानी से डूबे पुल-पुलिया को पार करने का दुस्साहस किसी भी स्थिति में न करें।कलेक्टर ने कहा कि बारिश के दौरान मौसमी नदी-नालों का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ सकता है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ ही समय में पानी का बहाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में लोग जलस्तर कम होने का इंतजार करें अथवा आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।पानी के ऊपर से वाहन निकालना पड़ सकता है भारीकलेक्टर ने नागरिकों को चेताया कि रपटे, पुल-पुलिया या सड़क के ऊपर से पानी बह रहा हो तो उसे पैदल या वाहन से पार करने की कोशिश न करें। पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। छोटी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने नागरिकों से स्वयं सावधानी बरतने के साथ-साथ दूसरों को भी सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करने की अपील की।अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देशकलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित जलभराव वाले निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं शिक्षकों से भी कहा गया है कि वे विद्यार्थियों को नदी-नालों और तेज बहाव वाले जलस्रोतों से दूर रहने के लिए जागरूक करें।रील-सेल्फी का रोमांच कहीं जिंदगी पर भारी न पड़ जाएमानसून के दौरान प्राकृतिक झरने, नदी-नाले और पुल-पुलिया लोगों के आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। कलेक्टर ने अपील करते हुए कहा कि मौसम का आनंद जरूर लें, लेकिन रील बनाने, सेल्फी लेने और रोमांच के चक्कर में अपनी और परिवार की जान जोखिम में न डालें। खासकर बच्चों को तेज बहाव वाले पानी के आसपास बिल्कुल न जाने दें।कलेक्टर ने कहा कि लगातार बारिश के बीच कब और कहां पानी का बहाव अचानक तेज हो जाए, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। नागरिक नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और पानी में डूबे मार्गों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी तरह का अनावश्यक जोखिम न उठाएं।

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