खबर digital News रिपोर्टर /कटनी जिले में लगातार बढ़ रहे अपराध अब कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनते जा रहे हैं। चाकूबाजी, मारपीट, लूट, अवैध शराब, मादक पदार्थों का कारोबार और हथियारबंद बदमाशों की गतिविधियों ने आम लोगों के मन में भय का माहौल पैदा कर दिया है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि लोग पूछने लगे हैं—क्या जिले में अपराधियों के हौसले कानून से भी बड़े हो चुके हैं?शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जिन थाना क्षेत्रों में सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं, वहां आखिर प्रभावी कार्रवाई क्यों दिखाई नहीं दे रही? क्या संबंधित थाना प्रभारियों की अपराध नियंत्रण पर पकड़ कमजोर पड़ रही है या फिर अपराधियों को कानून का कोई डर ही नहीं बचा?स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिले में अवैध शराब, नशीले पदार्थों और अन्य अवैध कारोबार खुलेआम संचालित हो रहे हैं। यदि पुलिस लगातार अभियान चला रही है, तो फिर सवाल उठता है कि ये अवैध कारोबार आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहे हैं?जनता यह भी सवाल उठा रही है कि एक ओर ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है, वहीं दूसरी ओर नशे के अवैध नेटवर्क पर वैसी सख्ती क्यों नहीं दिखती, जिसकी लोग अपेक्षा करते हैं। लोगों का मानना है कि नशे का बढ़ता कारोबार ही युवाओं को अपराध की ओर धकेल रहा है और यही वजह है कि जिले में चाकूबाजी जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई मामलों में बदमाश खुलेआम धारदार हथियार लेकर घूमते दिखाई देते हैं। यहां तक कि कुछ घटनाओं में पुलिसकर्मियों पर हमले भी हो चुके हैं। ऐसे हालात में आम नागरिकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर अपराधियों में कानून का भय क्यों खत्म होता जा रहा है?अब जरूरत केवल औपचारिक कार्रवाई की नहीं, बल्कि ऐसी ठोस और लगातार पुलिसिंग की है जिससे अपराधियों में कानून का डर लौटे, अवैध कारोबार पर निर्णायक प्रहार हो और जनता को यह भरोसा मिले कि कानून का राज केवल कागजों में नहीं, बल्कि सड़कों पर भी दिखाई देता है।जनता के सवाल…आखिर बढ़ते अपराधों का जिम्मेदार कौन?अवैध शराब और नशे के कारोबार पर लगाम कब?अपराधियों में पुलिस का डर क्यों खत्म हो रहा है?क्या कानून का खौफ वापस लाने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई होगी?
कटनी में अपराध बेलगाम! चाकूबाजी, नशे और अवैध कारोबार से दहला शहर… आखिर किसका है संरक्षण हर दिन नई वारदात, हर गली में खौफ… जनता पूछ रही—क्या अपराधियों में खत्म हो गया पुलिस का डर?
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