सौरभ श्रीवास्तव कटनी, मध्यप्रदेश
कटनी /सूत्रों के मुताबिक जिलेभर में अवैध प्लॉटिंग का खेल अब खुलेआम चल रहा है। खेतों की जमीन के बीचों-बीच कच्ची सड़क डालकर प्लॉट काटे जा रहे हैं, न टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमति, न डायवर्जन, न नक्शा पास—फिर भी कॉलोनियां धड़ल्ले से विकसित हो रही हैं। सवाल बड़ा है: आखिर जिम्मेदार अधिकारी चुप क्यों हैं?प्रतिष्ठित अखबारों में प्रकाशित खबरों के मुताबिक सरकार के स्पष्ट आदेश हैं—यदि जिले में कहीं भी अवैध प्लॉटिंग पाई जाती है तो इसकी जवाबदेही तय होगी, यहां तक कि जिला कलेक्टर पर भी एफआईआर दर्ज की जा सकती है। इसके बावजूद ज़मीनी हकीकत यह है कि कटनी जिले में भू-माफिया के हौसले बुलंद हैं और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।खेतों पर कच्ची सड़क, फिर प्लॉटिंग का खेलजिले के अलग-अलग इलाकों में कृषि भूमि पर पहले कच्ची सड़क डाली जाती है, फिर बड़े-बड़े प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। बिना डायवर्जन और बिना स्वीकृत नक्शे के अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं।इसका सीधा नुकसान आम खरीदारों को होगा—भविष्य में सड़क, नाली, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ सकता है।रजिस्ट्री और वैधता से जुड़े कानूनी विवाद खड़े हो सकते हैं।बैंक लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा।कन्हवारा मार्ग पर 14 एकड़ में प्लॉटिंग!ताज़ा मामला कटनी से विजय राघवगढ़ मार्ग पर कन्हवारा के पहले कोयला प्लांट के पास का बताया जा रहा है। यहां बड़ी मात्रा में खेती की जमीन पर बीच में कच्ची सड़क डालकर कथित रूप से कई भू-माफियाओं की मिलीभगत से अवैध प्लॉट काटे जा रहे हैं।माफियाओं का दावा है कि करीब 14 एकड़ जमीन पर बड़े-बड़े प्लॉट काटे जाएंगे और भविष्य में “फार्म हाउस” के नाम पर बेचे जाएंगे। लेकिन सवाल यह है कि क्या इस भूमि का डायवर्जन हुआ? क्या टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अनुमति ली गई? यदि नहीं—तो फिर यह सब किसकी शह पर?प्रशासन की चुप्पी पर सवालजब सरकार के स्पष्ट आदेश हैं, तो कार्रवाई क्यों नहीं?क्या अधिकारियों को जानकारी नहीं?या फिर मौन स्वीकृति से यह कारोबार फल-फूल रहा है?क्या जिले में नियम सिर्फ कागज़ों तक सीमित हैं?जिलेवासियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले वर्षों में अवैध कॉलोनियों की भरमार हो जाएगी और मूलभूत सुविधाओं का संकट गहराएगा।निष्कर्षकटनी में अवैध प्लॉटिंग का यह खेल प्रशासनिक निष्क्रियता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। जरूरत है सख्त कार्रवाई, जिम्मेदारी तय करने और आम जनता को जागरूक करने की—ताकि भू-माफियाओं के मंसूबों पर लगाम लग सके।अब देखना होगा—क्या जिम्मेदार अधिकारी जागेंगे, या यूं ही चलता रहेगा अवैध प्लॉटिंग का खेल?


