भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में हैरिटेज वाइन यानी महुए के शराब को टैक्स फ्री किया जाएगा। अन्य राज्यों में भी इसी तरह महुए की शराब टैक्स फ्री होगी। जिसके बारे में अन्य राज्यों से चर्चा का दौर जारी है।
क्यों टैक्स फ्री हुई हैरिटेज वाइन?
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महुआ के फूलों से बनी पारंपरिक शराब को बढ़ावा देने के लिए ‘हेरिटेज मदिरा नीति’ के तहत इसे वैध पहचान दी गई है। यह आदिवासी स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित की जाती है, जिसका उद्देश्य जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और ‘मोंड’ और ‘मोहुलो’ जैसे ब्रांड को बढ़ावा देना है। इसे ‘गोवा की फेनी’ की तरह प्रमोट किया जा रहा है, और ताज/मैरिएट जैसे बड़े होटलों में भी उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए स्पेशल आउटलेट्स भी खोले गए हैं, ताकि महुआ आधारित इस हेरिटेज शराब को एक प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा सके।
नर्मदा से दूर रहेगी शराब दुकानें
नई आबकारी नीति में एक भी शराब दुकान का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। सभी दुकानों के लिए ई-टेंडर होंगे। जिसके लिए बैंकों की ई-बैंक गारंटी ही मान्य होगी। जिसकी जानकारी वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में दी। साथ ही उन्होंने बताया कि नर्मदा नदी से 5 किमी के दायरे में शराब दुकान नहीं स्थापित की जाएगी, पिछली बार का निर्णय ही यथावत रहेगा। इस साल भी शराब दुकानों पर अहातों की व्यवस्था प्रतिबंधित रहेगी। फर्जीवाड़े से बचने के लिए पूरी तरह से टेंडर प्रक्रिया में ई-चालान ही मान्य होंगे। दूसरा और कोई विकल्प नहीं होगा।


