खबर डिजिटल न्यूज़ कटनी नगर निगम में सोमवार को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने लंबित प्रकरणों, शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और निगम के विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में निगमायुक्त का रुख स्पष्ट और सख्त नजर आया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों की रोजाना समीक्षा की जाए और किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि टीएल प्रकरणों पर एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
एमआईसी सभाकक्ष में आयोजित बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि नागरिकों से जुड़े मामलों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में देरी सीधे तौर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग के लंबित कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करे और निर्धारित समय-सीमा में परिणाम देना सुनिश्चित करे।
*ई-ऑफिस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से अपनाने के निर्देश*
बैठक में ई-ऑफिस व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन विभागों का ई-ऑफिस में पंजीयन हो चुका है, वे नस्तियों का संचालन अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस के माध्यम से करें। जिन विभागों में अभी यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हुई है, वहां जल्द से जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ई-ऑफिस व्यवस्था शुरू करने को कहा गया।
इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण, समग्र आईडी को आधार से लिंक करने, ई-केवाईसी की प्रगति बढ़ाने और लंबित टीएल प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए।
बड़ी परियोजनाओं के लिए तय होगी समय-सीमा
निगम की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान निगमायुक्त ने प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। पेयजल आपूर्ति, सब्जी मंडी, मीट मार्केट और डेयरी विस्थापन सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की चरणवार समीक्षा की गई।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक परियोजना के कार्य की प्रगति पर नियमित नजर रखी जाए और निर्धारित समय में काम पूरा कराया जाए। परियोजना में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
*बारिश और मौसमी बीमारियों को लेकर निगम अलर्ट*
वर्षा ऋतु को देखते हुए शहर में जलजमाव और मौसमी बीमारियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग अभियान प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नागरिकों के सुगम आवागमन में बाधा बनने वाले आवारा मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई में तेजी लाने को भी कहा। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान सफाई और जल निकासी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
*वार्ड 22 और 39 में कम सफाई कर्मी मिलने पर नाराजगी*
बैठक के दौरान वार्ड क्रमांक 22 और 39 में स्वच्छता कर्मियों की कम उपस्थिति का मामला सामने आने पर निगमायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित वार्ड दरोगाओं को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
अवैध कॉलोनियों और निर्माणों पर कार्रवाई तेज होगी*
अवैध कॉलोनियों, फायर सेफ्टी, जर्जर भवनों और स्वीकृति के विपरीत निर्मित भवनों की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने लंबित मामलों में कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।
अवैध कॉलोनियों से जुड़े मामलों में संबंधित पुलिस थानों से समन्वय कर एफआईआर की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं नियमों के विपरीत निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और कम्पाउंडिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए
कोचिंग सेंटर, अस्पताल, होटल और मॉल की होगी फायर सेफ्टी जांच*
शहर में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर भी निगमायुक्त ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने कोचिंग सेंटर, अस्पताल, होटल और मॉल सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों की जांच कराने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा अवैध मैरिज गार्डन, जर्जर भवनों और नियम विरुद्ध निर्माणों को क्षेत्रवार चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
*हैंडपंप और जल स्रोतों का होगा नियमित क्लोरीनेशन*
वर्षाकाल में दूषित पानी से होने वाली बीमारियों की आशंका को देखते हुए निगमायुक्त ने शहर के सभी हैंडपंप और जल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई रखने और क्लोरीनेशन के बाद पानी की गुणवत्ता की जांच कराने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पेयजल की शुद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।*
पीएम स्वनिधि की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत 25 हजार और 50 हजार रुपये के नवीन आवेदनों की कम प्रगति पर निगमायुक्त ने अप्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पात्र हितग्राहियों तक योजना की जानकारी पहुंचाकर अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही संबल योजना और समग्र ई-केवाईसी के लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
*कम राजस्व वसूली पर निगमायुक्त ने दिखाई सख्ती*
बैठक में जलकर राहत योजना और राजस्व वसूली की स्थिति की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर निगमायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने राजस्व अमले को बकायादारों से घर-घर संपर्क कर वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए।
पात्र मामलों में नल कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई करने को भी कहा गया। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि केवल नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि राजस्व वसूली के लिए प्रभावी फील्ड कार्रवाई की जाए।
118 नामांतरण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण*
राजस्व विभाग की समीक्षा में लंबित 118 नामांतरण प्रकरणों का मामला भी सामने आया। निगमायुक्त ने इन मामलों में शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा नवीन आवेदनों में आरएसआई और एआरआई की ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कर शत-प्रतिशत प्रकरणों का ऑनलाइन निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश राजस्व अमले को दिए गए।*
सड़क, ट्रांसपोर्ट नगर और स्वीमिंग पूल पर भी हुई चर्चा
बैठक में निगम के अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की भी समीक्षा की गई। इनमें ट्रांसपोर्ट नगर की तीसरी निविदा जारी करना, भिक्षावृत्ति रोकने के लिए एनयूएलएम के माध्यम से कार्रवाई, आईएचएसडीपी भवनों का आवंटन, प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों से आवेदन कराना शामिल रहा।
इसके अलावा बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों के पेंचवर्क और स्वीमिंग पूल की मरम्मत के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। निगमायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कार्य की प्रगति की नियमित जानकारी उपलब्ध कराई जाए और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा किया जाए।
*बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद*
समय-सीमा बैठक में कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह एवं सुधीर मिश्रा, राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक, सहायक यंत्री सुनील सिंह एवं आदेश जैन, स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी, पवन श्रीवास्तव, संजय मिश्रा, जे.पी. बघेल, रवि हनोते, शैलेन्द्र प्यासी, हिमांशु गौतम, अतिक्रमण प्रभारी मानेन्द्र सहित सहायक राजस्व अधिकारी, योजना प्रभारी, कार्यालय अधीक्षक, सिटी मिशन मैनेजर और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
निगमायुक्त का स्पष्ट संदेश—काम समय पर चाहिए*
बैठक में निगमायुक्त तपस्या परिहार ने अलग-अलग विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि लंबित प्रकरणों को खींचने की प्रवृत्ति पर रोक लगानी होगी। टीएल प्रकरणों का एक सप्ताह में निराकरण, योजनाओं की रोजाना मॉनिटरिंग, राजस्व वसूली में तेजी, सफाई व्यवस्था में सुधार और विकास परियोजनाओं को तय समय में पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया।
अब देखने वाली बात होगी कि बैठक में दिए गए इन सख्त निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई देता है और लंबित प्रकरणों के निराकरण में निगम की कार्यप्रणाली कितनी तेजी पकड़ती है।
