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Saturday, April 18, 2026
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ढीमरखेड़ा जनपद के भटगवां पंचायत में सरपंच सचिव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जाँच की मांग

कटनी – (सौरभ श्रीवास्तव )मंगलवार जन सुनवाई मे शिकायत लेकर पहुचे पंच जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत भटगवां के सरपंच, सचिव और उपयंत्री पर उपसरपंच व पंचों ने भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पंचायत में वर्ष 2023 से अब तक कराए गए अधिकतर निर्माण कार्य या तो अधूरे हैं या फिर हुए ही नहीं, बावजूद इसके लाखों रुपये का भुगतान पंचायत दर्पण पोर्टल में दर्शाया गया है।शिकायत के अनुसार, कार्यों की जानकारी पंचों और उपसरपंच को नहीं दी गई, जबकि मनमाने तरीके से चहेते ठेकेदारों से औने-पौने दामों पर सामग्री मंगवाकर आधी पंचायत के कामों में और आधी निजी निर्माण में लगाई गई। पंचायत सचिव पर अपने रिश्तेदार के ट्रैक्टर से दो वर्षों तक काम कराकर बिल पास करने का भी आरोप है।पंचों का कहना है कि ग्रामसभा में भी चहेते लोगों से हस्ताक्षर करवाकर आदिवासी ग्रामीणों को गुमराह किया गया। वहीं, सरपंच अशोक दहिया के घर में पत्नी आशा कार्यकर्ता और भाई कोटवार होने से पंचायत में मनमानी की जा रही है।शिकायतकर्ताओं ने सामुदायिक भवन, ग्रेवल सड़क, सी-रोड, अनुपयोगी सामुदायिक स्वच्छता घर, अपूर्ण पुलिया, शमशान शेड, चौपाल-चबूतरा तथा मनरेगा कार्यों में कथित फर्जी हाजिरी और गुणवत्ता की जाँच की मांग की है।ChatGPT said:यह खबर अख़बार के लिए इस तरह तैयार की जा सकती है—ढीमरखेड़ा जनपद के भटगवां पंचायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जाँच की मांगकटनी। मंगलवार को हुई जन सुनवाई में जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत भटगवां के सरपंच, सचिव और उपयंत्री के खिलाफ उपसरपंच व पंचों ने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वर्ष 2023 से अब तक पंचायत में कराए गए अधिकांश निर्माण कार्य अधूरे हैं या फिर हुए ही नहीं, इसके बावजूद लाखों रुपये का भुगतान पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्शाया गया है। पंचों और उपसरपंच को कार्यों की जानकारी दिए बिना मनमाने तरीके से चहेते ठेकेदारों को काम दिया गया।आरोप यह भी है कि पंचायत सचिव ने अपने रिश्तेदार के ट्रैक्टर से दो वर्षों तक काम कराकर बिल पास किए। ग्रामसभा में आदिवासी ग्रामीणों को गुमराह कर चहेते लोगों से हस्ताक्षर करवाए गए। सरपंच अशोक दहिया के घर में पत्नी आशा कार्यकर्ता और भाई कोटवार होने से पंचायत में मनमानी बढ़ने का भी आरोप है।शिकायत में सामुदायिक भवन, ग्रेवल सड़क, सी-रोड, अनुपयोगी सामुदायिक स्वच्छता घर, अधूरी पुलिया, श्मशान शेड, चौपाल-चबूतरा तथा मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी और घटिया गुणवत्ता की जांच की मांग की गई है।

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