भोपाल/खबर डिजिटल/ MP विधानसभा आज की कार्यवाही में वनाधिकार पट्टों के मुद्दा पर गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर आदिवासियों को वन अधिकार पट्टे न देने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि सैटेलाइट इमेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों के अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अब तक भाजपा सरकार ने 26,500 वन अधिकार पट्टे वितरित किए हैं। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि बारिश के मौसम में किसी भी आदिवासी परिवार का आवास नहीं छीना जाएगा। अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश भी दिए।
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने सदन को जानकारी दी कि दिसंबर 2005 की स्थिति के मूल्यांकन हेतु सैटेलाइट इमेज सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे पात्रता का निर्धारण अधिक पारदर्शी और सटीक हो सकेगा। उन्होंने यह भी माना कि ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के बावजूद कई मामले लंबित हैं, जिन्हें जल्द निपटाने का प्रयास जारी है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विपक्ष से आग्रह किया कि आदिवासियों के कल्याण के लिए सभी दल दलगत भावना से ऊपर उठकर साथ मिलकर काम करें। उन्होंने धरती आबा योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार आदिवासी समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सतत प्रयासरत है।


