भोपाल/परवेज खान/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, काटने और सुधार की प्रक्रिया का 23 जनवरी अंतिम दिन है। इसी बीच कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी पर सुनियोजित साजिश का आरोप लगाया है।
3 दिनों में 11 लाख नाम कटवाने का दावा
कांग्रेस का दावा है कि महज 3 दिनों में करीब 11 लाख मतदाताओं के नाम हटाने के लिए बीजेपी द्वारा बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि ये फॉर्म बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को उपलब्ध कराए गए और इनका निशाना खासतौर पर एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक रहे।
प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 पर सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिन फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाए जा रहे हैं, वे प्री-प्रिंटेड हैं। इनमें विधानसभा क्रमांक, नाम और मतदाता का पूरा विवरण पहले से भरा हुआ है, जबकि आवेदनकर्ता का नाम और हस्ताक्षर मौजूद नहीं हैं। कांग्रेस ने इसे चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन और लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया।
जीतू पटवारी का चुनाव आयोग पर हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी चुनाव हारने के डर से वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चुनाव आयोग ने तत्काल कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस सड़कों से लेकर न्यायालय तक जाएगी।
चुनाव आयोग से कांग्रेस की मांग
कांग्रेस ने सभी प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 की जांच, अवैध फॉर्मों को निरस्त करने और दोषी अधिकारियों व राजनीतिक संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एक व्यक्ति से 25-25 आपत्तियों का आरोप
पटवारी ने दावा किया कि नियमों के तहत एक व्यक्ति एक ही आपत्ति दर्ज कर सकता है, लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक-एक व्यक्ति से 25-25 आपत्तियां दर्ज कराईं, जिसके प्रमाण आयोग को सौंपे गए हैं।
BLO को सख्त चेतावनी
पटवारी ने BLO को चेतावनी देते हुए कहा कि अनियमितता पाए जाने पर FIR दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के दबाव में काम करने वालों को न तो राजनीतिक संरक्षण मिलेगा और न ही राहत।
फर्जी ऑनलाइन आपत्तियों का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कई मतदाताओं की जानकारी के बिना उनके नाम से ऑनलाइन फर्जी आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, खासकर अल्पसंख्यक और आदिवासी इलाकों में। कांग्रेस ने इसे वोट चोरी कर चुनाव जीतने की कोशिश करार दिया।


