सौरभ श्रीवास्तव/कटनी/विजयराघवगढ़— सलैया पड़खुरी स्थित नीलकंठेश्वर भक्ति धाम में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धा का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर “हर हर महादेव” और “बम बम भोले” के जयघोष से गूंजता रहा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं कैलाश धरा पर अवतरित हो गया हो।मंदिर प्रांगण में स्थापित शिवालय के साथ हनुमान जी महाराज, राम दरबार, प्रथम पूज्य गणेश जी, माँ दुर्गा, श्रीकृष्ण, राधारानी एवं सुदामा सहित समस्त देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक शिवलिंग निर्माण कर रुद्राभिषेक किया। वेद मंत्रों की गूंज और घंटों की अनुगूंज से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा।कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक धाम के संचालक परम श्रद्धेय मदनलाल ग्रोवर जी की प्रेरणा से उनके सुपुत्र बाबू ग्रोवर, धर्मपत्नी अदिति ग्रोवर एवं पुत्र रुद्राक्ष ग्रोवर ने समस्त देवी-देवताओं का पूजन कर आयोजन का शुभारंभ किया। ग्रोवर परिवार के साथ अनगिनत श्रद्धालुओं ने आस्था के पुष्प अर्पित कर महादेव का अभिषेक किया।उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए फलाहारी प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई, जिसे ग्रहण कर भक्त स्वयं को धन्य मानते रहे।एक किलोमीटर तक निकली भव्य शिव बाराततत्पश्चात देवों के देव महादेव की दिव्य एवं भव्य बारात धाम से लगभग एक किलोमीटर तक निकाली गई। नंदी महाराज, भैरव देव, भूतनाथ सहित विविध अलौकिक स्वरूपों की झांकियों ने जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया। सजे-धजे रथ, आकर्षक वेशभूषा और गगनभेदी जयकारों के बीच ढोल-नगाड़ों एवं बैंड-बाजों की मधुर धुनों ने वातावरण को उत्साह से भर दिया।ग्रोवर परिवार एवं नीलकंठेश्वर भक्ति धाम समिति के सदस्य सिर पर सुसज्जित थालों में शिवलिंग धारण कर बारात में सम्मिलित हुए। अन्य बारातियों का पगड़ी पहनाकर सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया। श्रद्धा, सम्मान और समर्पण का यह अद्भुत संगम दुर्लभ दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।तालाब कुंड पर हुआ जलाभिषेकभव्य शिवबारात तालाब कुंड के समीप पहुंची, जहां विधिवत जलाभिषेक कर शिवलिंग की विदाई की गई। उस क्षण उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें भावविभोर हो उठीं। आयोजन में लगभग बीस हजार से अधिक भक्तों की उपस्थिति दर्ज की गई। सुरक्षा व्यवस्था हेतु बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।समूचा विजयराघवगढ़ “हर हर महादेव” के उद्घोष से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने महादेव की जय-जयकार कर पुण्य लाभ अर्जित किया और शिवमय अनुभूति के साथ अपने जीवन को धन्य किया।आज पूर्णाहुति व विशाल भंडाराआयोजन का समापन पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। साथ ही वृंदावन से पधारे कलाकार हेमंत ब्रजवासी अपनी मधुर भजनों की प्रस्तुति से कार्यक्रम को संगीतमय बनाएंगे।निस्संदेह, यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं बल्कि आस्था, एकता और सनातन संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर उभरा है।
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