सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी— वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति से पहले जिले की लाइम स्टोन खदानों में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद खनिज विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर विजयराघवगढ़ क्षेत्र में संचालित खदानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें उत्पादन और स्टॉक के आंकड़ों में संभावित अंतर को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।निरीक्षण के दौरान खनिज अमले ने खदानों में उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया और उसे पोर्टल में दर्ज आंकड़ों से मिलाया। सूत्रों के अनुसार, कई खदानों में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर की आशंका जताई जा रही है, जिससे रायल्टी में गड़बड़ी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।खनिज अधिकारियों ने खदान संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 28 मार्च तक अपनी रायल्टी राशि जमा करें, अन्यथा उनके खिलाफ रिकवरी सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कम रायल्टी पाए जाने पर खदान संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा।प्राथमिक जांच में नन्हवारा, सुनहरी, सलेया, आमहेटा, विस्तरा और बड़ारी क्षेत्र की खदानों को शामिल किया गया है। इनमें कई बड़े नाम भी सामने आए हैं, जिससे पूरे मामले की गंभीरता बढ़ गई है।हालांकि विभाग ने अभी विस्तृत खुलासा नहीं किया है, लेकिन लगातार हो रही जांच से यह साफ संकेत मिल रहा है कि जिले में खनिज कारोबार में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आने वाले दिनों में और भी खदानों की जांच से बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
खनिज विभाग की सख्ती: लाइम स्टोन खदानों में गड़बड़ी के संकेत, रायल्टी वसूली पर कड़ा एक्शन
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