भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ बच्चों को अकेले सड़क पर भेजने में डर लगता है, एक व्यक्ति अगर गाड़ी पर रात के समय निकल रहा है, और गली सुनसान है, तो वहां बैठे कुत्तों को झुंड उस पर पहले तो तेजी से भोंकता है, और फिर काटने तक की नौबत आ जाती है, ये महज दो बातें नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देशभर में यहीं स्थिति बनी हुई है, कि किसी भी सड़क पर निकल रहे, किसी भी व्यक्ति को आवारा कुत्तों से डर बना रहता है, जिसकी गूंज इस बार मध्यप्रदेश की विधानसभा में सुनाई दी है।
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने उठाया मुद्दा
एमपी की विधानसभा में इस बार एक ऐसा मुद्दा छाया, जोकि किसी भी जाति, धर्म और मजहब के लोगों से जुड़ा हुआ है, ये था आवारा कुत्तों से लगने वाला डर। मध्य प्रदेश विधानसभा में करीब 40 मिनट कुत्तों का मुद्दा गरमाया रहा, जब कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के साथ डॉग बाइट का मुद्दा उठाया। जिसमें उन्होंने बताया कि अकेले भोपाल में बीते साल 19 हजार से ज्यादा डॉग बाइट के मामले आए हैं।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिया जवाब
डॉग बाइट से जुड़ा सवाल नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जुड़ा था, तो जवाब देने से पहले उन्होंने कहा कि सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना है, जोकि सियासत का एक पहलू उघाड़ गया। हालांकि उसके बाद उन्होंने कुत्तों को श्वान कहते हुए कहा कि आवारा श्वान एक सामुदायिक प्राणी के रूप में सदियों से हमारे बीच में हैं, बदलते मौसम के कारण श्वान आक्रामक हो जाते हैं, हालांकि उन्होंने राजधानी में आवारा कुत्तों से निपटने के लिए चलाई जा रही मुहिम के बारे में भी बताया और कहा कि एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स भोपाल में लागू है।
विधायक गोपाल भार्गव, भंवर सिंह शेखावत के बयान रहे खास
आवारा कुत्तों के सवाल पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के जवाब देने की शुरुआत में कहा था कि सभी कुत्तों से उन्हें ही निपटना है, जिस पर वरिष्ठ कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने तंज कसते हुए सदन में कहा कि पहली बार पता चला कि कैलाश विजयवर्गीय कुत्तों के भी प्रभारी मंत्री हैं। साथ ही पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने तो कुत्तों की नस्ल ही खत्म करने की बात कह डाली, उन्होंने कहा कि इस पर सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट यहां तक की संसद में भी बहस हुई है, उन्होंने कहा कि कुत्ते आवारा हों या पालतू क्या आवश्यकता है, इनकी नस्ल को ही खत्म किया जाना चाहिए।
क्या आवारा कुत्तों के मामले में हो रहा भ्रष्टाचार?
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने आरोप लगाया कि कुत्तों की नसबंदी में भी भ्रष्टाचार हो रहा है, उन्होंने सरकार से इस मामले में जांच कराने की भी अपील की। इसी बीच कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने आतिफ अकील के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि कागजों पर ही करोड़ों की नसबंदी कर दी जा रही है, उन्होंने बड़वानी में कुत्तों के काटने से हुई मौत के बाद रेबीज इंजेक्शन पर भी सवाल उठाए और पूछा कि कहीं ये इंजेक्शन भी तो नकली नहीं हैं।
कुल मिलाकर ये निकला निष्कर्ष
आवारा कुत्तों पर कांग्रेस विधायक की चिंता जायज है, क्योंकि यह मुद्दा जनसाधारण से जुड़ा है, लेकिन जिस तरह से पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का बयान सामने आया कि कुत्तों की नस्ल ही खत्म कर देना चाहिए, वो काफी चौंकाने वाला है। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कुत्तों से निपटने वाली बात ने एक बार फिर सियासत में नया रंग बिखेर दिया है, कि उनका इशारा किसकी तरफ है। जिसमें विधायक भंवर सिंह शेखावत का कुत्तों के प्रभारी मंत्री होने वाला तंज भी सियासत के गलियारों की हवा को समझने पर मजबूर कर रहा है।


