MP Congress: मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की सियासत में आने वाले चुनाव अब विकास के मुद्दों से अलग आस्था और धार्मिक पहचान के इर्द-गिर्द सिमटते नजर आ सकते हैं। इसकी बानगी हाल ही में कांग्रेस के चाणक्य कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के उस बयान से मिलती है, जिसमें उन्होंने खुद को घोर सनातनी बताया है। भाजपा की फायरब्रांड नेता उषा ठाकुर के साथ वायरल हुए उनके वीडियो ने इस बात के साफ संकेत दे दिए हैं कि कांग्रेस अब बहुसंख्यक वर्ग को साधने के लिए नए सियासी नैरेटिव पर काम कर रही है।
कांग्रेस का सनातन कार्ड
राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर लंबी बहस होने लगी है कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा हिंदुत्व के एजेंडे को फ्रंट फुट पर रखकर चुनावी शंखनाद करती आई है और उसे इसका सीधा सियासी फायदा भी मिलता रहा है। इसके विपरीत कांग्रेस अब तक सॉफ्ट हिंदुत्व या दबी जुबान में धार्मिक मुद्दों पर बात करती थी। चुनाव के समय राहुल गांधी का जनेऊ धारण करना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना गया।
दिग्गी ने बदली धुरी!
लेकिन अब दिग्विजय सिंह ने खुले मंच से खुद को कट्टर सनातनी बताकर राजनीति की धुरी बदल दी है। जानकारों का मानना है कि कांग्रेस को अब यह अहसास हो चुका है कि बिना सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव के सत्ता के शिखर तक पहुंचना मुमकिन नहीं है। इसीलिए भाजपा के हिंदुत्व की काट के रूप में सनातन को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती
दिग्विजय सिंह के इस नए अवतार ने कांग्रेस के सामने एक बड़ी चुनौती और सवाल भी खड़ा कर दिया है। कांग्रेस परंपरागत रूप से जिस विशेष वर्ग को अपना मजबूत वोट बैंक मानती रही है, क्या खुलेआम सनातन की बात करने से वह वर्ग नाराज नहीं होगा? यह एक बड़ा राजनीतिक जोखिम है। यह वही दिग्विजय सिंह हैं, जिन्होंने पहले भगवा आतंकवाद जैसे बयानों का जिक्र कर देश में एक बड़ी बहस को जन्म दिया था। अब उम्र के इस पड़ाव पर उनका यह हृदय परिवर्तन बताता है कि वे अपने सक्रिय रहते कांग्रेस की सत्ता में वापसी के लिए हर कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा को किया सोचने पर मजबूर
एक ही रथ के दो पहिए माने जाने वाले हिंदुत्व और सनातन के बीच इस बहस को तेज करके दिग्विजय सिंह ने भाजपा को भी अगले कदम के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है। यदि आगामी चुनावों में दोनों ही दल धार्मिक आस्था बनने का दावा करेंगे, तो जनता किस पर भरोसा जताएगी, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा। फिलहाल, मध्य प्रदेश में कांग्रेस का यह सनातनी दांव चर्चाओं में बना हुआ है।


