मध्य प्रदेश के गांधी मेडिकल कॉलेज के MBBS इंटर्न ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर रैली निकाली. छात्र 14,337 रुपये की जगह 30 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड देने की मांग कर रहे हैं.
मध्य प्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड को बढ़ाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है. भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज के स्नातक छात्रों ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर सोमवार शाम करीब चार बजे कॉलेज परिसर में शांतिपूर्ण जागरूकता रैली निकाली. रैली का उद्देश्य सरकार और संबंधित अधिकारियों का ध्यान इंटर्न डॉक्टरों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना था. छात्रों का कहना है कि मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों और कार्यभार के मुकाबले बेहद कम है.
मौजूदा स्टाइपेंड को बताया अपर्याप्त
फिलहाल मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न को हर महीने 14,337 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है. छात्रों का कहना है कि मौजूदा समय में इतनी राशि से दैनिक जरूरतों और अन्य खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है. उनका मानना है कि इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाला मानदेय उनकी मेहनत और जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं है.
30 हजार रुपये स्टाइपेंड की मांग
इंटर्न डॉक्टरों की मांग है कि उनका मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर 30,000 रुपये किया जाए. उनका कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पतालों में मरीजों की देखभाल, आपातकालीन सेवाओं और कई महत्वपूर्ण चिकित्सा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं. कई बार उन्हें लंबे समय तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है और भारी कार्यभार संभालना पड़ता है. इसके बावजूद उन्हें देश के कई अन्य राज्यों के इंटर्न डॉक्टरों की तुलना में काफी कम मानदेय मिलता है.
सरकार से जल्द फैसले की उम्मीद
रैली में शामिल छात्रों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करेगी. उनका कहना है कि स्टाइपेंड बढ़ने से न केवल आर्थिक दबाव कम होगा, बल्कि इंटर्न डॉक्टर अधिक उत्साह और बेहतर तरीके से अपनी सेवाएं भी दे सकेंगे. फिलहाल इस मांग को लेकर छात्रों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है और वे जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं.
