भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में गुरुवार की देर रात से अचानक मौसम में आए बदलाव के चलते कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरु हो गया। इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, श्योपुर सहित मध्यप्रदेश के 25 जिलों में हुई बारिश से लाखों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई हैं। इन जिलों में 63 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलने के साथ तेज बारिश भी हुई, साथ ही ओलावृष्टि भी हुई। ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश के चलते खेतों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य प्रदेश में बारिश, ओले और तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई। मौसम विभाग (IMD Rain Alert) ने 17 जिलों में अगले 24 घंटों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। एक बार फिर तापमान में गिरावट के चलते ठंड ने दस्तक दे दी। बारिश के बाद गुरुवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस से घटकर 28.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यानी 2.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, श्योपुर समेत कई जिलों में बारिश के चलते किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ। इस मुद्दे को मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में भी उठाया गया। कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि 2 दिन की बारिश में पूरे प्रदेश में फसलों को नुकसान हुआ है। सर्वे कर मुआवजा दिया जाए। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार कल ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सभी कलेक्टर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ तो 32 हजार और 50 फीसदी से कम नुकसान हुआ तो 16 हजार देंगे। राजस्व मंत्री ने यह भी बताया कि पिछली बार भी सोयाबीन नुकसान हुआ था तो 2 हजार करोड़ रुपए दिए थे।


