भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है. इसके तहत देश के 12 राज्यों की 26 सीटों पर 18 जून को मतदान कराया जाएगा. मध्यप्रदेश की तीन सीटों पर भी चुनाव होना है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. राजनीतिक दलों ने अंदरखाने तैयारियां शुरू कर दी हैं और उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं.
इनका कार्यकाल हो रहा खत्म
मध्यप्रदेश से जिन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 21 जून को खत्म हो रहा है, उनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और भाजपा के केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के साथ डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं. इन सीटों को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल रणनीति बनाने में जुट गए हैं.
दिग्विजय सिंह नहीं लड़ सकते हैं चुनाव, ये लोग रेस में आगे
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो दिग्विजय सिंह इस बार राज्यसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं. उनके पीछे हटने की खबर के बाद कांग्रेस में नए चेहरे की तलाश शुरू हो गई है. पार्टी के भीतर कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, अरुण यादव और सज्जन सिंह वर्मा को संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है. पार्टी नेतृत्व लगातार समीकरण साधने में जुटा हुआ है ताकि मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतारा जा सके.
ये मंत्री नहीं ले पाएंगे हिस्सा
वहीं कांग्रेस के सामने संख्या बल को लेकर मुश्किलें भी दिखाई दे रही हैं. दतिया विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो चुकी है, जिससे पार्टी को नुकसान माना जा रहा है. दूसरी ओर विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा भी मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. इसके अलावा बीना विधायक निर्मला सप्रे का रुख अभी पूरी तरह साफ नहीं माना जा रहा है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उनका झुकाव दोनों दलों के बीच संतुलित नजर आ रहा है.
क्रॉस वोटिंग की अटकलें भी तेज
इन परिस्थितियों के बीच क्रॉस वोटिंग की अटकलें भी तेज हो गई हैं. राज्यसभा चुनाव में विधायकों की संख्या और वोटिंग पैटर्न सबसे अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए सभी दल अपने-अपने विधायकों को साधने में जुटे हुए हैं. आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर और ज्यादा साफ होने की संभावना है.
