मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है। उनका राज्यसभा का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था, लेकिन उनके इस अचानक इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट खाली हो गई है, जिस पर जल्द ही उपचुनाव होंगे।
तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने के लिए छोड़ा पद
तमिलनाडु के रहने वाले डॉ. मुरुगन के पास केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री की जिम्मेदारी थी। पहली बार 27 सितंबर 2021 को मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचने वाले मुरुगन ने हाल ही में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया था। 13 अक्टूबर 2026 को उन्होंने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता दोनों छोड़ दीं। उनके इस कदम का मुख्य उद्देश्य तमिलनाडु में बीजेपी को जमीनी स्तर पर और ज्यादा मजबूत करना है।
बीजेपी ने की तारीफ: “कुर्सी से बड़ा कर्तव्य”
पार्टी ने डॉ. मुरुगन के इस फैसले की जमकर सराहना की है। बीजेपी ने इसे “कुर्सी से बड़ा कर्तव्य और पद से बड़ी सेवा” बताते हुए कहा कि राजनीति में लोग अमूमन सत्ता के पीछे भागते हैं, लेकिन मुरुगन ने एक सच्चे कार्यकर्ता की तरह संगठन को चुना। पार्टी के मुताबिक, साधारण परिवार से उठकर केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय करने वाले मुरुगन का यह कदम दर्शाता है कि उनके लिए “नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, सेल्फ लास्ट” (राष्ट्र प्रथम, पार्टी द्वितीय, स्वयं अंत में) का सिद्धांत ही सर्वोपरि है।
अब उपचुनाव का इंतजार
राज्यसभा की यह अहम सीट खाली होने के बाद अब चुनाव आयोग जल्द ही उपचुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस खाली हुई सीट पर बीजेपी अब किस नए चेहरे को मैदान में उतारेगी।
