भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार आज अपनी कैबिनेट बैठक में ‘वृंदावन ग्राम योजना’ को मंजूरी दे सकती है। इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में हर वर्ष एक गाँव को ‘वृंदावन ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
इन विशेष ग्रामों में पशुपालन, प्राकृतिक खेती, बागवानी और उद्यानिकी को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि इन गाँवों को आत्मनिर्भर, पर्यावरण-अनुकूल और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध बनाया जाए।
दो माह पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वृंदावन ग्राम योजना की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा मालवा-निमाड़ क्षेत्र में नई सिंचाई परियोजनाओं को भी इस कैबिनेट में हरी झंडी मिल सकती है।
पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री के वाराणसी दौरे के कारण कैबिनेट बैठक स्थगित हो गई थी। मुख्यमंत्री वाराणसी में म.प्र. के मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल हुए थे।
वृंदावन ग्राम योजना के अंतर्गत जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत को समर्पित विकास, पशुपालन और बागवानी के लिए विशेष सुविधाएं देना है।
मध्यप्रदेश वृंदावन ग्राम योजना का उद्देश्य ग्रामीण जीवनशैली को भारतीय परंपरा और प्रकृति से जोड़ते हुए सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाना है।


