भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में गहरे कम दबाव के अवदाब और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 2 नवंबर तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। गुरूवार को 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जहां पर गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश समेत बिजली चमकने के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। कहा जा रहा है कि 2 नवंबर से मौसम साफ होने लगेगा और 5-6 नवंबर के बाद से तापमान गिरने के साथ सर्दी बढ़ने की संभावना है।
इन जिलों में किया बारिश का अलर्ट जारी
सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में तेज बारिश की संभावना जताई जा रही है
खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, जबलपुर, कटनी और पन्ना जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की संभावना है, साथ ही गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी।
क्या है मौसम में बदलाव का कारण?
पूर्व-मध्य अरब सागर पर अवस्थित अवदाब के पूर्व-मध्य अरब सागर में उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण, दक्षिण हरियाणा और संलग्न राजस्थान पर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर की ऊंचाई पर सक्रिय है। पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ़ के रूप में, 32°N अक्षांश के उत्तर में 75°E देशांतर के साथ माध्य समद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर अवस्थित है। जिसके चलते चक्रवाती तूफान मोंथा कमजोर हो गया है, लेकिन अरब सागर अब दबाव और हरियाणा में ऊपरी हवा का चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के बने रहने से नमी आ रही है, और बादल के कारण बारिश की स्थिति बनी हुई है। 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक प्रदेश में बारिश की स्थिति बनी रहेगा। 30 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
खेतों में कटी फसल और खड़ी फसलों के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही है, जिसको लेकर मौसम विभाग ने आगाह किया है कि किसान उचित उपाय करें, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।


