पहले करीब 11 दिनों तक बारिश की रफ्तार धीमी रही, लेकिन अब मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर से जोर पकड़ लिया है. रविवार को जबलपुर समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई. करीब 45 मिनट तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही, जिससे शहर की सड़कों पर पानी भर गया और कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई. अचानक हुई बारिश से राहगीरों को भीगना पड़ा, जबकि मौसम सुहावना हो गया. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
11 दिन बाद फिर मेहरबान हुआ मानसून
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रविवार को 20.6 मिमी यानी आधे इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई. इससे पहले 8 जुलाई को 17.2 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी. लंबे अंतराल के बाद हुई इस बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई. विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मानसूनी सिस्टम मजबूत स्थिति में है, इसलिए अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.
इन जिलों के लिए जारी हुआ बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में पर्याप्त नमी पहुंच रही है. इसी वजह से कई जिलों में अच्छी बारिश हो रही है. विभाग ने मैहर, छतरपुर और रीवा में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडौरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, शहडोल और उमरिया में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 24 जुलाई के आसपास वर्षा की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं.
तापमान में आई गिरावट
बारिश के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. दिन के अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई और यह 29.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. वहीं न्यूनतम तापमान भी हल्की गिरावट के साथ 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. आने वाले दिनों में तापमान में और कमी आने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी.
अब तक सामान्य से काफी कम बारिश
रविवार तक इस मानसून सीजन में जबलपुर में कुल 204 मिमी यानी लगभग 8 इंच बारिश दर्ज की गई है. पिछले वर्ष इसी अवधि तक 630.5 मिमी यानी करीब 24.8 इंच वर्षा हो चुकी थी. इस हिसाब से इस बार अब भी लगभग 426 मिमी बारिश की कमी बनी हुई है. मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर में पूरे मानसून के दौरान औसतन 1300 मिमी यानी करीब 52 इंच बारिश होती है. ऐसे में आने वाले सप्ताह प्रदेश के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि सक्रिय मानसून इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकता है.
