बैतूल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ प्रेमानंद महाराज को चाहने वालों की कमी नहीं, अब हिंदू धर्म के साथ-साथ मुस्लिम समाज के लोग भी उनके चाहने वालों की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं। मुस्लिम समुदाय ने पहलवान बाबा की दरगाह पर प्रेमानंद महाराज की तस्वीर और चादर चढ़ाकर उनकी सेहत के लिए दुआ की, उन्होंने कहा कि महाराज समाज को जोड़ते हैं और मानवता का प्रतीक हैं।
पहलवान बाबा की दरगाह पर चढ़ाई चादर
बैतूल के पहलवान बाबा की दरगाह पर गुरुवार को अलग ही नजारा था, जब मुस्लिम समाज के लोग हाथों में प्रेमानंद महाराज की तस्वीर और चादर थामे हुए थे। उन्होंने दरगाह परिसर में उन्होंने कुरान की तिलावत की और महाराज की सेहत एवं लंबी उम्र की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज ऐसे व्यक्ति हैं जो समाज को जोड़ते हैं, वे हर धर्म और हर इंसान का सम्मान करते हैं, उनका जीवन मानवता, सद्भाव और आपसी प्रेम का प्रतीक है, इसलिए आज हम उनके लिए दुआ करने आए हैं।
‘प्रेम ही ईश्वर है और सेवा ही सच्ची पूजा’
प्रेमानंद महाराज हमेशा से यह संदेश देते आए हैं कि ‘प्रेम ही ईश्वर है और सेवा ही सच्ची पूजा’ वे धर्मों के बीच मेल-जोल और एकता के हिमायती रहे हैं। बैतूल में मुस्लिम समाज की यह पहल न केवल इंसानियत की मिसाल है, बल्कि उस विचार को श्रद्धांजलि भी है जिसे प्रेमानंद महाराज अपने जीवन से आगे बढ़ाते आए हैं, कि जब दिलों में मोहब्बत हो, तो कोई दीवार टिक नहीं सकती, बैतूल की यह तस्वीर दिखाती है कि प्रेमानंद महाराज की अच्छाइयां लोगों के दिलों में कितनी गहराई से बसी हैं, वे सिर्फ एक संत नहीं, बल्कि एकता और इंसानियत के सच्चे दूत बन चुके हैं।


