Nigam Mandal List: मध्य प्रदेश में लंबे समय से अटकी निगम-मंडलों, आयोगों और प्राधिकरणों की नियुक्तियों पर आखिरकार विराम लगने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में आलाकमान के साथ हुई चर्चा के बाद संभावित चेहरों की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने के लिए मोहन सरकार कई नेताओं को मंत्री पद के दर्जे से नवाज सकती है।
सिंधिया खेमे की लॉबिंग
इस नियुक्तियों में सबसे ज्यादा चर्चा ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबियों की है। सूत्रों की मानें तो सिंधिया अपने 5 कद्दावर नेताओं को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिलाने के लिए दिल्ली से भोपाल तक पूरा जोर लगा रहे हैं। पूर्व मंत्री इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गिरिराज दंडोतिया और पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल के लिए सिंधिया ने अपनी पूरी ताकत झौंक दी है। सिंधिया का पक्ष है कि ये वही नेता हैं जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था, इसलिए इनका राजनीतिक पुनर्वास संगठन की जिम्मेदारी है।
दिग्गजों को दिल्ली भेजने की तैयारी?
मध्य प्रदेश के दो सबसे कद्दावर नेता गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह को लेकर भी बड़ी अटकलें हैं। सागर संभाग के इन दोनों दिग्गजों को केंद्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। वही मालवा के बड़े नेता जीतू जिराती को भी किसी बड़े पद पर नियुक्त करने या राष्ट्रीय स्तर पर एडजस्ट करने की चर्चाएं जोरों पर हैं।
रेस में ये नाम भी शामिल
निगम-मंडलों की कमान के लिए कुछ और विधायकों के नामों पर भी सहमति बनती दिख रही है। रामनिवास रावत और अजय विश्नोई इन दोनों ही दिग्गजों को किसी महत्वपूर्ण निगम या बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर संतुष्ट किया जा सकता है। विश्नोई और रावत के अनुभव को देखते हुए संगठन इन्हें अहम जिम्मेदारी देने के पक्ष में है।
कभी भी हो सकता है ऐलान
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि पवैया की हालिया नियुक्ति एक ट्रेलर थी, पूरी फिल्म अभी बाकी है। आने वाले एक-दो दिनों के भीतर ही सीएम हाउस से इन नामों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। इससे न केवल सरकार के अंदर असंतोष को थामने की कोशिश होगी, बल्कि 2028 की चुनावी जमावट भी शुरू हो जाएगी।
