सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी— जिले की तीन जनपद पंचायतों विजयराघवगढ़, बहोरीबंद और बड़वारा की चार ग्राम पंचायतों में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों की योजनाओं के बीच लाखों रुपए की गड़बड़ी उजागर होने पर जिला पंचायत सीईओ एवं विहित प्राधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने सख्त रुख अपनाते हुए मामलों की सुनवाई की।जांच में ग्राम पंचायत खलवारा में सीसी रोड और नाली निर्माण कार्य में तत्कालीन सरपंच और सचिव द्वारा 4 लाख 17 हजार 600 रुपए की आर्थिक गड़बड़ी सामने आई। वहीं ग्राम पंचायत नीमखेड़ा और सलैया प्यासी में सोलर लाइट खरीदी के नाम पर भंडार क्रय नियमों को दरकिनार करते हुए क्रमशः 2 लाख 80 हजार और 1 लाख 65 हजार 500 रुपए की वित्तीय अनियमितता पाए जाने का मामला सामने आया।इतना ही नहीं, ग्राम पंचायत बनगवा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 1 लाख 20 हजार रुपए की वसूली योग्य राशि को लेकर सेक्टर सुपरवाइजर, सरपंच, सचिव, बीसी और हितग्राही तक को सुनवाई में तलब किया गया। सुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत नीमखेड़ा के तत्कालीन सचिव का अनुपस्थित रहना भी सवालों के घेरे में रहा।जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण किया और मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत दर्ज मामलों में धारा 92 के अंतर्गत कुल 9 लाख 83 हजार 100 रुपए की वसूली योग्य राशि पर विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए।ग्रामीण विकास योजनाओं में लगातार सामने आ रही आर्थिक गड़बड़ियों ने एक बार फिर पंचायत स्तर पर निगरानी और जवाबदेही की जरूरत को उजागर कर दिया है।
पंचायतों में लाखों की गड़बड़ी, जिला पंचायत सीईओ ने कसी नकेल
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