MP Nagariya Nikay Chunav 2027: मध्य प्रदेश में जून 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों को लेकर अभी से हलचल शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग इस बार प्रत्याशियों की जमानत राशि में बड़ा इजाफा करने की तैयारी में है। आयोग ने इस संबंध में मध्य प्रदेश सरकार को एक प्रस्ताव भेज दिया है, जिसमें नामांकन शुल्क को करीब 60 फीसदी तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।
क्यों बढ़ाई जा रही है जमानत राशि?
निर्वाचन आयोग का मानना है कि इस बार प्रत्याशियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान के मुताबिक, पूरे प्रदेश में लगभग 1 लाख से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतर सकते हैं। इसी को देखते हुए आयोग ‘मध्य प्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994’ के नियम-26 में संशोधन करने जा रहा है।
कितना बढ़ेगा चुनावी खर्च?
आयोग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, कई पदों के लिए जमानत राशि इस प्रकार हो सकती है…
नगर निगम महापौर 20,000 से 32,000
नगर पालिका अध्यक्ष 15,000 से 24,000
नगर परिषद अध्यक्ष 10,000 से 16,000
नगर निगम पार्षद 5,000 से 8,000
नगर पालिका पार्षद 3,000 से 4,800
नगर परिषद पार्षद 1,000 से 1,600 तक राशि बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है।
जनता सीधे चुनेगी अपना ‘बॉस’
इस बार के चुनावों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सभी निकायों में प्रत्यक्ष प्रणाली से मतदान होगा। यानी पिछली बार की तरह पार्षदों के भरोसे रहने के बजाय, जनता सीधे तौर पर महापौर और अध्यक्षों का चुनाव करेगी।
जमानत जब्त नियम
यदि किसी प्रत्याशी को कुल वैध मतों का 6 फीसदी से कम वोट मिलता है, तो उसकी जमा की गई जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
MP निकाय पर एक नज़र
कुल नगरीय निकाय: 413
नगर निगम: 16
नगर पालिकाएं: 99
नगर परिषद: 298
कुल वार्ड: 7679


