जैविक हाट बाजार पर उठे सवाल, एक परिवार फूड पॉइजनिंग का शिकार
कटनी – जिला अस्पताल कटनी के सामने नगर निगम सब्जी मार्केट में शुरू किए गए जैविक एवं प्राकृतिक हाट बाजार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। जैविक हाट से खरीदे गए खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद एक ही परिवार के चार सदस्य फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
गौरतलब है कि जैविक एवं प्राकृतिक हाट बाजार का शुभारंभ मंगलवार 9 दिसंबर को दोपहर 12.30 बजे किया गया था। इस अवसर पर जिले के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। इस हाट बाजार में जिले के जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसान हर मंगलवार अपने उत्पादों का विक्रय करते हैं। दावा किया गया था कि यहां उपलब्ध उत्पाद स्वाद, पौष्टिकता और गुणवत्ता में बेहतर होंगे।
लेकिन दूसरे ही मंगलवार, 16 दिसंबर को होटल व्यवसायी विकास साहू ने जैविक हाट बाजार से कोदो का आटा (1 किलो) और कुटकी का आटा (500 ग्राम) खरीदा। परिवार द्वारा कोदो के आटे की रोटी खाने के बाद 18 दिसंबर को विकास साहू, उनकी पत्नी और दोनों बेटियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसी समान समस्याएं हुईं, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़ित परिवार की बेटी, अधिवक्ता साक्षी साहू ने बताया कि कोदो के आटे की रोटी खाने के करीब दो घंटे बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उस समय वह जिला न्यायालय में थीं और उन्होंने अपने पिता को फोन पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद पिता ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं घर पर मौजूद विकास साहू की पत्नी और छोटी बेटी की भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें भी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
परिवार का आरोप है कि फूड पॉइजनिंग का कारण जैविक हाट से खरीदा गया कोदो का आटा ही है। विकास साहू के पास आटा खरीदने का बिल भी मौजूद है।
इस घटना के बाद जैविक और प्राकृतिक हाट बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जैविक हाट में विक्रय से पहले खाद्य सामग्री की नियमित जांच और प्रमाणन जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह की गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े।


