भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी करीब ढाई साल का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस ने अभी से चुनावी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी अगले महीने मध्य प्रदेश के दौरे पर आ सकते हैं। इस दौरे में उनका फोकस पूरी तरह संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने और जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति को परखने पर रहेगा। उज्जैन में प्रस्तावित बैठक में राहुल गांधी सीधे संगठन की समीक्षा करेंगे, जबकि रीवा संभाग के दौरे की भी संभावना जताई जा रही है।
उज्जैन में होगी हाईलेवल बैठक, राहुल गांधी करेंगे सीधी समीक्षा
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक अगले महीने उज्जैन में पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन की स्थिति जानना और आगामी रणनीति तैयार करना होगा। राहुल गांधी सीधे फीडबैक लेकर यह समझने की कोशिश करेंगे कि किन जिलों में संगठन मजबूत है और कहां ज्यादा काम की जरूरत है।
रीवा संभाग के दौरे से विंध्य क्षेत्र पर रहेगा विशेष फोकस
राहुल गांधी के रीवा संभाग के दौरे की भी चर्चा है। विंध्य क्षेत्र लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में कांग्रेस यहां अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। राहुल गांधी स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद कर क्षेत्रीय मुद्दों की जानकारी लेंगे। इससे पार्टी को आगामी चुनावों के लिए जमीनी रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
हर जिले में शुरू होगा प्रशिक्षण अभियान
कांग्रेस मध्य प्रदेश के सभी जिलों में प्रशिक्षण अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के जरिए कार्यकर्ताओं को संगठन, सोशल मीडिया चुनाव प्रबंधन और जनता से संवाद के तौर-तरीकों की जानकारी दी जाएगी। पार्टी का मानना है कि मजबूत और प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की नींव तैयार करते हैं। राहुल गांधी के दौरे से पहले इस अभियान को गति दी जाएगी।
चुनाव से पहले संगठन को धार देने की तैयारी
हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी पर्याप्त समय है, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता। पार्टी का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाए। राहुल गांधी का यह दौरा इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। उनके सीधे संवाद से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी तैयारी को नई दिशा मिलेगी।
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