इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ रिटायर्ड रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया काली कमाई का धनकुबेर निकला, उसके आठ ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस छापेमारी की। जांच में अभी तक करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है। इंदौर स्थित आवास से 75 लाख कैश मिले। इसके साथ ही करोड़ों रुपए के सोने और चांदी के गहने मिले। इसके साथ ही महंगी साड़ियां भी मिली।
विदेशी मुद्रा समेत करोड़ों की संपत्ति की खुलासा
मध्यप्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को सुबह बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इसमें रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के इंदौर और ग्वालियर स्थित आठ ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की। टीम को अब तक की तलाशी में 75 लाख रुपये नगद, ढाई किलो सोना, महंगी गाड़ियां, विदेशी मुद्रा और रिवॉल्वर सहित करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। इंदौर के काउंटी वॉक इलाके में 4700 वर्गफुट जमीन पर एक आलीशान बंगले का निर्माण भी जारी है। तलाशी के दौरान टीम को 500 यूरो के 10 नोट कुल 5000 यूरो यानी करीब साढ़े चार लाख रुपए मूल्य की विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई है।
कमाई से ज्यादा निकला खर्च
लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि गोपनीय शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई थी। जिसमें इंदौर समेत उज्जैन लोकायुक्त की टीमों को शामिल किया गया था। दरअसल भदौरिया को सेवाकाल के दौरान वेतन और भत्तों के रूप में करीब दो करोड़ रुपए की वैध आय प्राप्त हुई थी, जबकि शुरुआती जांच में लगभग आठ करोड़ रुपये के खर्च और निवेश के सबूत मिले हैं।
फिल्म निर्माण में भी निवेश
धर्मेंद्र भदौरिया के बेटे सूर्यांश भदौरिया ने एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी बनाई थी, जिसमें पिता धर्मेंद्र के रुपयों को निवेश किया गया था। वहीं, उनकी बेटी अपूर्वा भदौरिया की भी इस निवेश में भागीदार बनाया गया।
इसी साल रिटायर हुए हैं भदौरिया
1987 बैच के अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया 31 अगस्त 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे। बता दें कि भदौरिया को 2020 में शराब ठेकों की नीलामी में लापरवाही के कारण सस्पेंड किया गया था। उस समय नीलामी समय पर पूरी न करने के आरोप में विभाग ने यह कार्रवाई की थी।


