रीवा/अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/ रीवा जिले की जवा तहसील के ग्राम बवंधर में शासकीय आम मार्ग आराजी नंबर 211 पर वर्षों से गांव के ही दबंग व्यक्ति रामनरेश यादव का अतिक्रमण कायम है। इस मामले में न्यायालय जवा द्वारा प्रकरण क्रमांक 0008/अ-68/2018-19 के तहत आदेश दिनांक 05/02/2019 को बेदखली का फैसला सुनाया गया था। इसके बाद एसडीएम, अनुविभागीय अधिकारी त्यौंथर और अपर कलेक्टर सभी स्तरों पर बेदखली आदेश को ही सही माना गया। फिर भी शासकीय रास्ता आज तक खाली नहीं हो पाया। सवाल यह है कि जब न्यायालय की चार-चार मुहरें लगी हैं, तो कार्रवाई क्यों नहीं?
दबंग के सामने कानून क्यों बेबस?
वर्षों से ग्रामीणों की शिकायतों पर विभाग सिर्फ पत्राचार करता रहा, जबकि सीमांकन की दो तिथियाँ 11/06/2024 और 02/05/2025 अधिकारी खुद तय कर चुके थे। पर हर बार अतिक्रमणकर्ता रामनरेश यादव स्वास्थ्य कारणों और अलग-अलग बहानों से अनुपस्थित रहता रहा और प्रशासन कार्रवाई टालता रहा। क्या एक व्यक्ति के बहाने न्यायालय के आदेशों पर भारी पड़ सकते हैं? क्या राजस्व विभाग इतना असहाय है कि एक दबंग के सामने कानून बेबस दिखे?
ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी
ग्राम के शिवाकांत कुशवाहा, बृजलाल यादव, हनुमान जायसवाल, ओमप्रकाश यादव, गोपाल मौर्य और मुन्नी देवी का कहना है कि रास्ता बंद होने से खेती-बाड़ी, आवाजाही और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही और अतिक्रमणकर्ता की मनमानी से पूरा गांव परेशान है। आखिर क्यों एक व्यक्ति के कब्जे को हटाने में राजस्व विभाग पंगु साबित हो रहा है?
ग्रामीणों ने दी चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शासकीय मार्ग को तुरंत अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रशासन से सवाल है कि न्यायालय ने चार बार आदेश दिए, जनता वर्षों से पीड़ित है, अतिक्रमणकर्ता खुलेआम नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहा है तो फिर राजस्व विभाग किसके दबाव में चुप है? और कब तक?


