रीवा/अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/ रीवा कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान बड़ा हंगामा हो गया। एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने जनसुनवाई में पहुंचकर हुजूर तहसीलदार पर 25 हजार रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा दिया। आरोप लगते ही जनसुनवाई में मौजूद अधिकारी और लोग हतप्रभ रह गए, हालांकि मामले में तहसीलदार की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
सेवानिवृत पुलिसकर्मी रामलाल श्रीवास्तव
मामला मझगवां क्षेत्र के टिकुरी पटवारी हल्का निवासी सेवानिवृत पुलिसकर्मी रामलाल श्रीवास्तव का है। उन्होंने जनसुनवाई में शिकायत करते हुए बताया कि उन्होंने भूमि सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन दिया था। मौके पर पहुंचे आरआई और पटवारी ने जमीन की गलत नाप की, और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो तहसीलदार कार्यालय में उनसे 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत न देने पर उनका प्रकरण खारिज कर दिया गया।
रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने जनसुनवाई में लगाई गुहार
इसके बाद वे सीधे जनसुनवाई में पहुंच गए और आला अधिकारियों के सामने तहसीलदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए। हुजूर तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह बुजुर्ग व्यक्ति आदतन शिकायतकर्ता है। इससे पहले भी कई तहसीलदारों और सदस्यों पर ऐसे ही आरोप लगा चुका है। जिस प्रकरण की वह बात कर रहा है, वह मेरे न्यायालय में लंबित नहीं है। नायब तहसीलदार इटौंरा के न्यायालय में विचाराधीन है, और एक बार इसका निस्तारण भी किया जा चुका है। यह व्यक्ति न्यायालयीन प्रक्रिया को भ्रमित कर अपने पक्ष में निर्णय करवाना चाहता है।


