खबर digital News संवाददाता कटनी— कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर करोड़ों की व्यावसायिक संभावनाओं वाले कंटेनर रेस्टोरेंट टेंडर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी ने रेलवे की टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप हैं कि टेंडर की मूल शर्तों में कथित बदलाव कर एक निजी पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जबकि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता संदेह के घेरे में आ गई है।RTI में दावा किया गया है कि जिस स्थान को रेलवे ने टेंडर दस्तावेजों में रेस्टोरेंट के लिए निर्धारित किया था, वास्तविक आवंटन के समय उसे बदल दिया गया। आरोप यह भी है कि चयनित लाइसेंसधारी को पहले से अधिक बड़ा और व्यावसायिक दृष्टि से अधिक लाभदायक भू-भाग उपलब्ध कराया गया। अब आवेदक ने रेलवे से इस बदलाव की फाइल नोटिंग, सक्षम अधिकारी की स्वीकृति, निरीक्षण रिपोर्ट और संबंधित पत्राचार की प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या इस बदलाव की जानकारी अन्य बोलीदाताओं को दी गई थी या नहीं।मामला यहीं तक सीमित नहीं है। कंटेनर रेस्टोरेंट के नाम पर कथित दो मंजिला निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। RTI में पूछा गया है कि यदि टेंडर केवल अस्थायी कंटेनर संरचना के लिए था, तो दो मंजिला ढांचे की अनुमति किस नियम के तहत दी गई? इसके लिए तकनीकी स्वीकृति, लेआउट, प्रशासनिक आदेश और संबंधित नीति के तहत दी गई किसी विशेष छूट के दस्तावेज भी मांगे गए हैं।RTI आवेदन में पूरी टेंडर प्रक्रिया की जांच की मांग करते हुए कुल प्राप्त बोलियों की संख्या, चयनित फर्म की वित्तीय बोली, लाइसेंस शुल्क, तकनीकी पात्रता से जुड़े PAN, GST, बैंक सॉल्वेंसी, कार्य अनुभव प्रमाणपत्र, टेंडर नोटिस, LOA, एग्रीमेंट कॉपी और साइट हैंडओवर रिपोर्ट की प्रतियां भी मांगी गई हैं।फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ये आरोप RTI आवेदन में उठाए गए प्रश्नों और दावों पर आधारित हैं। इनकी पुष्टि रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले रिकॉर्ड और आधिकारिक जवाब के बाद ही हो सकेगी। यदि दस्तावेज आरोपों की पुष्टि करते हैं, तो मामला रेलवे की टेंडर प्रक्रिया और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट 9131308097
