खबर डिजिटल न्यूज़ कटनी– रेत के स्टॉक में भारी गड़बड़ी ने खनिज कारोबार की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेंड पोर्टल पर 1 लाख 46 हजार 462 घनमीटर रेत दर्ज थी, लेकिन मौके पर महज करीब 100 घनमीटर रेत मिली। पोर्टल और भौतिक स्टॉक के बीच 1 लाख 46 हजार 362 घनमीटर का भारी अंतर सामने आने के बाद कलेक्टर न्यायालय ने मेसर्स विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड पर 27 करोड़ 44 लाख 29 हजार 650 रुपये की शास्ति ठोक दी है।मामला तहसील विजयराघवगढ़ के ग्राम पुरैनी स्थित खसरा नंबर 43/1, 43/2 और 43/3 में संचालित रेत भंडारण स्थल का है। 30 सितंबर 2023 की रात 12 बजे सेंड पोर्टल पर दर्ज स्टॉक के आधार पर कराए गए भौतिक सत्यापन में यह बड़ा अंतर सामने आया।कागजों में लाखों घनमीटर, जमीन पर रेत गायबजांच में स्वीकृत भंडारण स्थल पर लगभग 100 घनमीटर रेत ही पाई गई, जबकि पोर्टल पर 1,46,462 घनमीटर स्टॉक दर्ज था। यानी रिकॉर्ड में दर्ज भारी मात्रा की रेत मौके से नदारद मिली।इतने बड़े अंतर को लेकर फर्म से रेत के वैध विक्रय अथवा विधिसम्मत परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। हालांकि, कलेक्टर न्यायालय के मुताबिक फर्म ऐसा विश्वसनीय और संतोषजनक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे इतनी बड़ी मात्रा में रेत का स्टॉक स्थल से बाहर जाना वैध साबित हो सके।अभिवहन पास के बिना रेत भेजने की आशंकाखनिज विभाग के 3 जनवरी 2024 के पत्र में भी ऐसी स्थिति को गंभीर माना गया है। यदि पोर्टल पर स्टॉक मौजूद दिखाई दे, लेकिन स्वीकृत भंडारण स्थल पर उतनी रेत उपलब्ध न हो, तो बिना अभिवहन पास के रेत बाहर भेजे जाने की संभावना मानी जा सकती है।दलीलें भी नहीं बचा सकीं फर्म कोप्रकरण की सुनवाई के दौरान फर्म की ओर से जांच में तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियों का हवाला दिया गया। कलेक्टर न्यायालय ने विभागीय प्रतिवेदन, स्थल निरीक्षण पंचनामा, शासन साक्षी के बयान, प्रतिपरीक्षण और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच की।न्यायालय ने माना कि प्रस्तुत दलीलें 1.46 लाख घनमीटर से अधिक के स्टॉक अंतर का संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। यदि इतनी बड़ी मात्रा में रेत वैध रूप से बेची या परिवहन की गई थी तो उसके समर्थन में आवश्यक परिवहन दस्तावेज और वैधानिक अभिलेख प्रस्तुत करना जरूरी था।रॉयल्टी 1.83 करोड़, शास्ति सीधे 27.44 करोड़कलेक्टर न्यायालय ने 1,46,362 घनमीटर रेत का अंतर स्थापित मानते हुए इसे अवैध परिवहन से संबंधित माना। इस मात्रा की निर्धारित रॉयल्टी 1 करोड़ 83 लाख 95 हजार 310 रुपये आंकी गई।मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम 19 के तहत रॉयल्टी की 15 गुना शास्ति लगाई गई। इसके चलते कुल राशि 27 करोड़ 44 लाख 29 हजार 650 रुपये पहुंच गई।कलेक्टर कोर्ट का सख्त संदेशकलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष तिवारी के न्यायालय के इस आदेश से रेत के अवैध परिवहन और स्टॉक में गड़बड़ी करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। आदेश में मेसर्स विस्टा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड, आनंद बिहार कॉलोनी, कटनी को 27.44 करोड़ रुपये की शास्ति जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।अब बड़ा सवाल यही है—पोर्टल पर दर्ज लाखों घनमीटर रेत आखिर गई कहां? इतने बड़े स्टॉक अंतर ने रेत के भंडारण और परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पोर्टल पर रेत का पहाड़, मौके पर सिर्फ 100 घनमीटर!विस्टा सेल्स पर कलेक्टर कोर्ट का 27.44 करोड़ का चाबुक; 1.46 लाख घनमीटर रेत का हिसाब गायब
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