MP BJP Politics: मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चल रहा सस्पेंस अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। शनिवार को राजधानी भोपाल में सत्ता और संगठन के शीर्ष नेताओं के बीच हुई एक बैठक ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच करीब आधे घंटे तक चली गुप्त चर्चा में नियुक्तियों की राह में आ रही अड़चनों को दूर कर लिया गया है।
कृषि मेले के बहाने सेटलमेंट
सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक मुख्य रूप से कृषि मेले की तैयारियों को लेकर बुलाई गई थी, लेकिन जल्द ही चर्चा का केंद्र निगम-मंडल, प्राधिकरण और आयोगों की नियुक्तियां बन गई। हफ्ते भर पहले हुई समन्वय बैठक के बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं की आपत्तियों के कारण सूची अटक गई थी। शनिवार की बैठक में शिवराज सिंह चौहान के साथ विचार-विमर्श कर उन विवादित नामों पर सहमति बना ली गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार का पूरा दिन नियुक्तियों के लिए आरक्षित रखा है। आज भाजपा के पदाधिकारी अलग-अलग सत्रों में बैठकर अंतिम सूची को ‘लॉक’ करेंगे।
108 चेहरों को मिलेगी जगह
सिर्फ निगम-मंडल ही नहीं, बल्कि प्रदेश कार्यसमिति के गठन पर भी काम तेज हो गया है। प्रदेश भर से करीब 108 कार्यकर्ताओं को कार्यसमिति में शामिल किया जाना है। इसके लिए प्रदेश भर के नेता अपनी ‘जुगाड़’ और दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। इसके अलावा भाजपा के 14 प्रकोष्ठों में संयोजकों की नियुक्ति भी इसी फेरबदल का हिस्सा होगी। संगठन ने नाम तय कर लिए हैं, बस मुख्यमंत्री की अंतिम हरी झंडी का इंतजार है।
समन्वय और सामंजस्य पर फोकस
इस बार की नियुक्तियों में संघ, सरकार और संगठन के बीच त्रिकोणीय तालमेल बिठाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की मंशा है कि जल्द से जल्द नियुक्तियां पूरी कर जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए, ताकि आगामी सांगठनिक कार्यों और चुनावों में इसका लाभ मिल सके। माना जा रहा है कि आज यानी रविवार का दिन मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए नियुक्ति वाला दिन साबित हो सकता हैं।


