घंसौर (सिवनी)/मनोज नामदेव/खबर डिजिटल/ सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झिझरई से एक बड़ा मामला सामने आया है। बाउंड्री वॉल निर्माण के नाम पर ठेकेदार और प्रिंसिपल की मनमानी उजागर हुई है। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान 10 से 15 सागौन पेड़ों को अवैध रूप से हटाया गया, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है।
बाउंड्री वॉल का निर्माण जारी
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झिझरई परिसर में इन दिनों बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन इसी निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा कीमती सागौन पेड़ों को हटाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा काम स्कूल प्रिंसिपल की जानकारी और सहमति से किया गया।
बहुमूल्य वृक्ष को काटना अपराध
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के अनुसार आदिवासी अधिसूचित तहसीलों में सागौन जैसे बहुमूल्य वृक्ष को काटना या हटाना बिना अनुमति अपराध है। लेकिन स्कूल परिसर से 10–15 सागौन पेड़ों के गायब होने ने पूरा मामला संदेहास्पद बना दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक ठेकेदार और प्रिंसिपल ने न तो वन विभाग से अनुमति ली और न ही प्रशासन को इसकी जानकारी दी।
जांच कराए जाने की बात
सागौन की लकड़ी की ऊंची कीमत को देखते हुए ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि इस कटाई से किसी को निजी लाभ पहुंचाया गया होगा। फिलहाल इस पूरे मामले में जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त लालजी मीणा द्वारा जांच कराए जाने की बात कही जा रही है।


