सिवनी/विशाल भारद्वाज/खबर डिजिटल/ जिले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लखनादौन क्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने पूरे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों को एक पिकअप वाहन में ठूंस-ठूंस कर ले जाया जा रहा है। वो भी बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के, बिना सीट बेल्ट, और बिना किसी निगरानी के।
पूरे इलाके में लोडिंग वाहन में जा रहे बच्चे
माना जा रहा है कि यह स्थिति केवल लखनादौन तक सीमित नहीं है। जिले के कई हिस्सों में यही हाल है — न परिवहन विभाग ध्यान दे रहा, न शिक्षा विभाग, और न ही स्थानीय प्रशासन के पास इस गंभीर लापरवाही का कोई समाधान है। हर दिन सैकड़ों मासूम बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग केवल कागज़ी कार्रवाई में व्यस्त रहते हैं।
पुलिस ने की वाहन चालक पर कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के बाद लखनादौन थाना पुलिस ने हरकत में आते हुए पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है, और वाहन मालिक पर मामला दर्ज किया गया है। SDOP अपूर्व भलावी ने बताया कि जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन चालक समेत वाहन को जब्त किया, और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पहले क्यों नहीं हुई कार्रवाई
लेकिन बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है, क्या प्रशासन हर बार किसी वीडियो के वायरल होने का इंतजार करेगा? क्या बच्चों की जान की कीमत सोशल मीडिया पर मिलने वाले व्यूज़ से तय होगी? या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही विभागों की नींद खुलेगी?
वाहनों पर सख्ती की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिलेभर में इस तरह के वाहनों की जांच की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। जनता अब यह जानना चाहती है कि बच्चों की सुरक्षा आखिर प्रशासन की प्राथमिकता कब बनेगी?


