उमरिया/ केजी पांडेय/ खबर डिजिटल/ जिले में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए यूजीसी कानून के खिलाफ जोरदार विरोध देखने को मिला। सवर्ण समाज के हजारों लोग रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नया यूजीसी कानून सामाजिक समरसता पर हमला करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संशोधन सरकार की वोट बैंक राजनीति का हिस्सा है और समाज में असंतोष पैदा कर रहा है। रैली में शामिल लोगों ने जोर देकर कहा कि कानून अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है, फिर भी इसके दुष्परिणाम दिखाई देने लगे हैं। प्रदर्शनकारी चेतावनी देते हुए बोले कि यदि समय रहते इसे वापस नहीं लिया गया तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा।
आदिवासी छात्राओं की विशेष मांग
इसी दौरान करकेली जनपद के शासकीय आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास की दो दर्जन से अधिक छात्राएं भी कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने मांग की कि उनके छात्रावास में सामान्य वर्ग की अधीक्षिका की पदस्थापना न की जाए। उनका कहना था कि छात्रावास की संवेदनशीलता और व्यवस्था को समझने के लिए आदिवासी वर्ग की अधीक्षिका ही उपयुक्त है।
कलेक्टर का आश्वासन और सुरक्षा प्रबंध
कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों और छात्राओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान कलेक्टर कार्यालय परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।


