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Friday, April 17, 2026
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स्कूल उद्घाटन के कार्यक्रम में सिंधिया और दिग्विजय के सियासत सौहार्द का दिखा अद्भुत नजारा

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में सियासत का अद्भुत नजारा उस समय दिखा जब भाजपा के केंद्रीय मंत्री ज्योतिराज सिंधिया ने मंच से उतरकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को अपने साथ मंच पर ले गए। राजनीति के सियासत का अद्भुत नजारा देखकर भोपाल में एक नई शिक्षा की शुरुआत हुई है। श्रूसबरी इंटरनेशनल स्कूल इंडिया ने आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपने 150 एकड़ के नए परिसर का उद्घाटन किया।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई बड़े नेता और शिक्षा जगत के दिग्गज मौजूद थे। इस समारोह का आयोजन जागरण सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष हरि मोहन गुप्ता की अध्यक्षता में किया गया।

इस अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा “शिक्षा का अर्थ केवल जीवन बनाना नहीं है, बल्कि उस जीवन में अर्थ भरना भी है। शिक्षा का उद्देश्य केवल यह प्रश्न पूछना नहीं होना चाहिए कि ‘मैं कैसे सफल होऊँ’, बल्कि यह भी पूछना होना चाहिए कि ‘मैं कैसे सेवा करूँ’। और इसलिए मेरा मानना है कि जिस वातावरण का प्रतिनिधित्व श्रूसबरी करता है, उसमें आपको दोनों मिलेंगे — एक वैश्विक विद्यालय की उत्कृष्टता और इस देश के एक अरब से अधिक नागरिकों की धड़कन, जो एक साथ मिलकर भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे।”

उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, सहित राज्य के प्रमुख सांसद और कैबिनेट मंत्री उपस्थित थे।

श्रूसबरी इंटरनेशनल स्कूल इंडिया की चेयर – एडवाइजरी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्ष कार्ला होवर्थ, श्रूसबरी स्कूल यूके के पूर्व अध्यक्ष टिम हेन्स, जागरण सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष हरि मोहन गुप्ता, और श्रूसबरी इंडिया के संस्थापक हेडमास्टर डोमिनिक टोमलिन भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

दक्षिण एशिया के लिए महामहिम के व्यापार आयुक्त और पश्चिमी भारत के ब्रिटिश उप उच्चायुक्त हरजिंदर कांग ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मैं भारत में श्रूसबरी इंटरनेशनल स्कूल के शुभारंभ में शामिल होकर प्रसन्न हूं। यह पारस्परिक विकास पर आधारित भारत-यूके की दोस्ती का एक नया अध्याय है।”

उन्होंने कहा, “पिछले महीने हमारे प्रधानमंत्रियों ने ‘भारत-ब्रिटेन विजन 2035’ को मंजूरी दी है। इस नई साझेदारी से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। इस विजन में शिक्षा और कौशल विकास पर खास ध्यान दिया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ी को बेहतर मौके मिलेंगे। भारत और ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग भी बढ़ेगा।”

“ब्रिटेन की सदियों पुरानी शिक्षा परंपरा और भारत के नए विचारों को मिलाकर हम युवाओं के लिए विश्वस्तरीय अवसर बना रहे हैं। इससे हमारे युवा आगे बढ़ेंगे और भविष्य को नई दिशा दे सकेंगे।”

18 अगस्त से शुरू होगा पहला बैच
श्रूसबरी स्कूल की 473 साल पुरानी परंपरा है। 18 अगस्त से पहला बैच शुरू होगा। स्कूल में बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाओं वाली प्रयोगशालाएं, भाषा सीखने के विशेष सेंटर और डिजिटल शिक्षा के साधन हैं। कला और संगीत के लिए बड़े स्टूडियो भी बनाए गए हैं।

श्रूसबरी में रहेंगे कई तरह के इनडोर और आउटडोर खेल
खेलकूद में भी यह स्कूल अनोखा है। यहाँ भारत में पहली बार स्कूल में ही इनडोर रोइंग, फेंसिंग और स्कूबा डाइविंग की सुविधाएं दी जा रही हैं। इनके अलावा 20 से ज्यादा अन्य खेलों की सुविधाएं भी मौजूद हैं। स्कूल ने लंदन के प्रसिद्ध ट्रिनिटी कॉलेज के साथ मिलकर संगीत, भाषण और नाटक में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई की व्यवस्था भी की है।
जागरण वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष हरि मोहन गुप्ता ने कहा कि श्रूसबरी इंडिया का लक्ष्य ऐसे छात्र तैयार करना है जो आगे चलकर देश और समाज के लिए अच्छे लीडर बनें। वे न सिर्फ पढ़ाई में आगे रहें बल्कि जीवन की हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हों।
इस तरह श्रूसबरी इंटरनेशनल स्कूल भोपाल में शिक्षा की एक नई परंपरा की शुरुआत कर रहा है।

श्रूसबरी स्कूल की गवर्निंग बोर्ड की चेयरपर्सन कार्ला होवर्थ ने कहा, “हमें खुशी है कि श्रूज़बरी की पुरानी परंपराएं और मूल्य अब भारत में भी जुड़ रहे हैं। ब्रिटेन के बाहर यह हमारा पहला बोर्डिंग स्कूल है, जो हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।”

श्रूसबरी इंटरनेशनल स्कूल इंडिया के बारे में
भारत के सबसे स्वच्छ राजधानी शहर भोपाल में 150 एकड़ में फैला श्रूसबरी इंटरनेशनल स्कूल लड़के और लड़कियों, दोनों के लिए एक आवासीय विद्यालय है। यह स्कूल कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए है, जिसमें कुल 600 बच्चे पढ़ सकेंगे।
स्कूल में ब्रिटिश पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। कक्षा 9 और 10 के छात्र केम्ब्रिज इंटरनेशनल IGCSE की परीक्षा के लिए तैयारी करेंगे। इसके बाद कक्षा 11 और 12 में वे A-Level की पढ़ाई कर सकेंगे।

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