सीधी/बृजेश पाण्डेय/खबर डिजिटल/ नगर परिषद सीधी के पार्षदों ने ठप्प पड़े विकास कार्य को लेकर अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को नगर पालिका परिषद के चार पार्षद अध्यक्ष कक्ष के सामने धरने पर बैठ कर अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष काजल वर्मा अपने कक्ष पर ही मौजूद रही।
उल्लेखनीय हैं कि नगर पालिका परिषद सीधी में जबसे कांग्रेस की परिषद आई है तब से लगातार कुछ न कुछ मामला सामने आता रहा है। अभी अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के बीच छिड़ी जंग का पटाक्षेप किसी तरह न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद हुआ, लेकिन उपाध्यक्ष का मामला शांत होते ही परिषद के कर्मचारी अध्यक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर उतर आए थे, अब एक बार फिर नगर पालिका परिषद सीधी का सियासी पारा चढ़ गया है, कांग्रेस पार्टी से चुनाव जीतकर आए चार पार्षदों ने अध्यक्ष काजल वर्मा पर विकास कार्य में अवरोध पैदा करने का आरोप लगाते हैं धरने पर बैठ गए हैं। नाराज पार्षदों ने अध्यक्ष मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विकास करो या इस्तीफा दो की मांग पर अड़े हुए हैं। यह धरना प्रदर्शन सोमवार को दोपहर 02 बजे से शुरू हुआ जो शाम 06 बजे एसडीएम गोपदबनास राकेश शुक्ला मौके पर पहुंच कर धरने पर बैठे पार्षदों से चर्चा करते हुए उन्हें शीघ्र समय के निराकरण का आश्वासन दिया है। एसडीएम के आश्वासन उपरांत धरना प्रदर्शन समाप्त हो गया। विरोध प्रदर्शन करने वाले पार्षदों में हल्के सोनी, कुमुदनी सिंह चौहान, सीमा रंजीत सिंह चौहान, सोनम सोनी शामिल हैं।
फिर अध्यक्ष ससुर पर लगा आरोप
कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 13 की पार्षद कुमुदनी सिंह चौहान ने धरने के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए अध्यक्ष के ससुर पर इशारों में विकास कार्यो में अवरोध पैदा करने का आरोप लगाया है। पार्षद कुमुदनी सिंह ने कहा कि बीच में अध्यक्ष एवं उनके ससुर के बीच जब अनबन चल रही थी तो उपाध्यक्ष दान बहादुर सिंह चौहान के द्वारा हम लोगों के वार्डो में कई निर्माण कार्य स्वीकृत कराए थे, लेकिन जैसे ही अध्यक्ष एवं उनके ससुर के बीच संबंध ठीक हुए फिर कार्य ठप्प हो गए। उपाध्यक्ष द्वारा स्वीकृत कराए गए कार्यों को भी रोक दिया गया है। जनता ने हम लोगों पर विश्वास जताया है लेकिन हम विश्वास पर खरे नहीं उतर रहे हैं, जिसके चलते यह धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
इस्तीफा दो या काम करो
नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष काजल वर्मा के कक्ष के सामने धरने पर बैठे पार्षद हल्के सोनी ने अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के बस में अगर नहीं है तो वह इस्तीफा दे अन्यथा वार्डो में विकास कराए,अब यह धरना तभी समाप्त होगा जब तक यह फैसला नही हो जाता है कि वार्डो विकास किया जाएगा, या अध्यक्ष इस्तीफा दे रही हैं। पार्षद हल्के सोनी ने कहा कि मेरे वार्ड की जनता ने मुझ पर भरोसा किया लेकिन मैं उनके भरोसे पर खरे नहीं उतर पा रहा हूं, कारण कि जब विकास कार्यों को लेकर अध्यक्ष से बात करते हैं तो वह कह देती है कि मेरी बात कोई नहीं सुनता है, अगर उनकी बात कोई नहीं सुनता है और उन्हें सरकार चलाना नहीं आता है तो वह इस्तीफा दे। उन्होंने यह भी कहा कि हम लोगों से अध्यक्ष या प्रशासनिक अधिकारी आकर बात नहीं करते हैं तो यह धरना अनिश्चित कालीन चलेगा।
नाराज पार्षदों से नहीं मिली अध्यक्ष
कक्ष से बाहर निकल कर मीडिया से चर्चा करते हुए अध्यक्ष काजल वर्मा ने कहा कि काम को लेकर जो आरोप लगाए गए हैं वह गलत है, पीआईसी की बैठक में सबकी सहमति से निर्णय लिए गए हैं। इसके अलावा वो मेरे साथ बैठकर भी काम बता सकते हैं और अगर नहीं मिलना चाहते हैं तो एक पत्र आवक जावक में दे दें मैं वहां से मंगवा लूंगी। अब रही बात धरने में बैठे पार्षदों को मनाने की तो मैं आपके माध्यम से ही उन्हें मनाना चाहती हूं। जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि वह नाराज पार्षदों को मनाने नहीं जाएगी। कुल मिलाकर यह साफ हो गया है कि नगर पालिका परिषद सीधी की यह आपसी लड़ाई अभी थमने वाली नहीं है। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा पार्षदों के बीच लगातार चल रही खींचतान से नगर का विकास कार्य पूरी तरह से बेपटरी हो गया है।


