इंदौर/खबर डिजिटल/नरेन्द्र महावर/ प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट नए शिक्षा सत्र के अवसर पर अपने पुराने शिक्षण संस्थान अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय पहुंचे। वर्षों बाद छात्र जीवन की यादों से जुड़े इस परिसर में पहुंचकर वे भावुक नजर आए। उन्होंने महाविद्यालय परिसर की भूमि को प्रणाम कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
छात्र जीवन की हुईं यादें ताज़ा
मंत्री सिलावट ने कहा कि इसी महाविद्यालय ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा, संस्कार और सही दिशा दी। परिसर का भ्रमण करते हुए उन्होंने अपने छात्र जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जीवन में अनुशासन, संस्कार, जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है।
छात्रसंघ अध्यक्ष से प्रदेश के मंत्री बनने का सफर
तुलसीराम सिलावट ने बताया कि वे इसी महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय छात्रसंघ का भी नेतृत्व किया। छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर जनसेवा और सक्रिय राजनीति के माध्यम से प्रदेश सरकार में मंत्री पद तक पहुंचा।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, विचार और भविष्य को आकार देने वाली महत्वपूर्ण पाठशालाएं हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में किया पौधरोपण
महाविद्यालय प्रवास के दौरान मंत्री सिलावट ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन बनाना होगा। हर व्यक्ति यदि एक पौधे की जिम्मेदारी ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर व्यक्त की भावनाएं
कॉलेज भ्रमण के बाद मंत्री सिलावट ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा कि अपनी छात्र जीवन की पावन शिक्षास्थली में पहुंचकर मन भावुक हो गया। उन्होंने कहा कि इस परिसर ने उन्हें जीवन की दिशा, दृष्टि और संस्कार दिए हैं।
