उज्जैन/ खबर डिजिटल/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन के विकास को नई ऊंचाई देते हुए 1133.67 करोड़ की हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने उज्जैन की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को देखते हुए शहर में आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) स्थापित करने की बड़ी घोषणा की।
धार्मिक केंद्रों का विकास और आयुर्वेदिक एम्स
सीएम ने कहा कि भगवान धन्वंतरि की नगरी होने के कारण उज्जैन आयुर्वेदिक एम्स के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। साथ ही, उन्होंने संदीपनी आश्रम, मंगलनाथ, शनि मंदिर और चिंतामन गणेश जैसे प्रमुख मंदिरों के कायाकल्प की योजना भी साझा की। मार्च में साइंस कॉलेज परिसर में 1200 सीटों वाले गीता भवन का लोकार्पण किया जाएगा।
हरियाखेड़ी जल परियोजना और सिंहस्थ 2028
सिंहस्थ 2028 और वर्ष 2055 तक की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह जल परियोजना तैयार की गई है। इसके तहत:
इंटेक वेल और प्लांट: हरियाखेड़ी और गंभीर नदी पर 2 नए इंटेक वेल और 250 MLD क्षमता के जल शोधन संयंत्र बनेंगे।
नेटवर्क: 708 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 17 नई पानी की टंकियां बनाई जाएंगी।
कनेक्शन: शहर के 49,087 घरों को नए शुद्ध पेयजल कनेक्शन मिलेंगे। इसमें उज्जैन के नजदीकी 20 गांव भी शामिल किए गए हैं।
रोजगार और स्वच्छता पर जोर
सीएम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 16 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाई। रोजगार के क्षेत्र में उन्होंने घोषणा की कि निनोरा और नागझिरी में रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां काम करने वाली महिलाओं को सरकार की ओर से 5000 तक की सहायता दी जाएगी।
कार्यक्रम में महापौर मुकेश टटवाल और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में मुख्यमंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
