Wednesday, November 4, 2026
Homeमध्यप्रदेशकटनी'विनस एग्रो' का ज़हरीला खेल: रेड कैटेगरी में होकर भी नियमों की...

‘विनस एग्रो’ का ज़हरीला खेल: रेड कैटेगरी में होकर भी नियमों की धज्जियां, जिम्मेदार खामोश!

खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर /कटनी –पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की गाइडलाइंस में जिसे ‘रेड कैटेगरी’—यानी अति-प्रदूषणकारी और सबसे खतरनाक श्रेणी के उद्योग में रखा गया है, वही उद्योग आज कटनी के सलैया में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। एथेनॉल उत्पादन करने वाली कंपनी ‘विनस एग्रो फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड’ (venus Agro Fuel Pvt. Ltd.) द्वारा आसपास की सफेद मिट्टी की खदानों में खुलेआम ‘स्पेंट वॉश’ और औद्योगिक अपशिष्ट बहाया जा रहा है।

लेकिन सबसे बड़ा और चुभता हुआ सवाल यह है कि सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार प्रशासनिक महकमा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मौन क्यों है? क्या अफसरों को ग्रामीणों की घुटती सांसें और तबाह होती फसलें नजर नहीं आ रही हैं?

कागजों में ‘जीरो डिस्चार्ज’, जमीन पर बह रहा जहरीला रसायन

नियमों के मुताबिक ‘रेड कैटेगरी’ के अंतर्गत आने वाले एथेनॉल और डिस्टिलरी प्लांट के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) की शर्त अनिवार्य होती है। यानी कंपनी का एक बूंद भी जहरीला पानी या ‘स्पेंट वॉश’ बाहर नहीं निकलना चाहिए।लेकिन सलैया (देवरी हटाई) में हकीकत इसके बिल्कुल उलट है:

खदानों को बनाया डंपिंग यार्ड:

एथेनॉल (चावल/मक्का) उत्पादन से निकलने वाले बदबूदार और जहरीले स्पेंट वॉश को सीधे खदानों में उड़ेला जा रहा है।

बारिश में बढ़ा खतरा:

बरसात के पानी के साथ यह जहरीला केमिकल बहकर किसानों के उपजाऊ खेतों, कुओं और आसपास के जल स्रोतों में समा रहा है।

संक्रमण और दुर्गंध का साया:

पूरे इलाके में असहनीय बदबू फैली है, जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा सिर पर मंडरा रहा है।

किसानों की चीख के बाद भी क्यों नहीं जागा अमला?

गत 21 जुलाई 2026 को पीड़ित किसानों (रविकान्त राय, विजय कुमार राय, सूरज प्रसाद राय, राजाराम राम, राजेन्द्र राम, प्रमोद राम, अवनी कान्त राय आदि) ने कटनी कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में औपचारिक शिकायत (क्रमांक: 80) दर्ज कराई थी।ग्रामीणों ने मांग की थी कि:* राजस्व, स्वास्थ्य और कृषि विभाग की संयुक्त टीम तुरंत मौके की जांच करे।* स्पेंट वॉश के सैंपल लेकर लैब में जांच कराई जाए।

ZLD नियमों के उल्लंघन पर कंपनी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो।

खुले में स्पेंट वॉश के अवैध निस्तारण पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगे।//शिकायत दर्ज हुए दिन बीत चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर प्रशासनिक सुस्ती कई सवाल खड़े करती है:

* आखिर रेड कैटेगरी के इतने बड़े उल्लंघन पर अब तक ‘विनस एग्रो’ पर शिकंजा क्यों नहीं कसा गया?

* क्या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सिर्फ पत्राचार का खेल खेल रहा है?* क्या कटनी का स्थानीय प्रशासन किसी बड़े आंदोलन या किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है?

* ग्रामीणों ने अब साफ चेतावनी दे दी है कि यदि जल्द ही इस ‘जहर उगलती फैक्ट्री’ पर कानूनी कार्रवाई कर स्पेंट वॉश का बहाव बंद नहीं कराया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

सम्बंधित ख़बरें

लेटेस्ट