उज्जैन/खबर डिजिटल/ बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन को धार्मिक नगरी के रुप में पहचाना जाता है, कहा जाता है कि किसी समय काल की गणना यहीं से की जाती थी, लेकिन अब एक बार फिर यह नगर अपने स्वर्णिम काल से गुजर रहा है, क्योंकि भक्तों की बढ़ती संख्या और उसके बाद बढ़ते रोजगार ने उज्जैन को नई पहचान बनाने की तरफ कदम बढ़ाया है, जिसमें सबसे महत्पूर्ण आगामी समय में होने वाला निवेश है, क्योंकि यहां पर 1 हजार करोड़ का निवेश आने वाला है, जिसके जरिए हजारों युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे।
औद्योगिक मानचित्र में भी दिखेगा उज्जैन
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहले पर उज्जैन को अब धार्मिक के साथ-साथ औद्योगिक मानचित्र में भी जगह मिलने वाली है, इसके लिए काफी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एमपीआइडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा विकसित किए जा रहे विक्रम् उद्योगपुरी फेज-2 का श्रीगणेश हो गया हैं। लगभग 488 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने जा रहे सबसे पहले एल्केम लेबोरेट्रीज लिमिटेड (Alkem Laboratories Limited) को 30 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, कंपनी यहां टैबलेट, कैप्सूल और इंजेक्शन जैसे फार्मास्यूटिकल उत्पादों के निर्माण के लिए अत्याधुनिक इकाई स्थापित करेगी। इस इकाई के जरिए शुरुआत दौर में करीब 2 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा, जबकि परिवहन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन और अन्य सहायक गतिविधियों के माध्यम से बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे।
विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 का असर
विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक इकाइयों के लिए 382 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है, जहां सैकड़ों औद्योगिक भूखंड विकसित किए जा रहे हैं। इस औद्योगिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास पर करीब 455 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डीएमआईसी विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड के बोर्ड से इन विकास कार्यों को मंजूरी दे दी है। परियोजना के तहत यहां सड़क नेटवर्क, स्ट्रीट लाइट, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, पेयजल आपूर्ति नेटवर्क, एलिवेटेड सर्विस रिजरवॉयर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 33 केवी और 11 केवी विद्युत लाइन, सबस्टेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तथा आईसीटी जैसी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा, ताकि औद्योगिक इकाईयों को उचित वातावरण मिल सके।
कई कंपनियों ने दिखाई रुचि
महाकाल नगरी के औद्योगिक विकास के लिए विक्रम उद्योगपुरी फेज-1 को करीब 773 एकड़ में विकसित किया गया था, जिसका उद्घाटन अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। बता दें कि यह औधोगिक टाउनशिप देश की महत्वाकांक्षी विल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना का हिस्सा है। फेज-1 में सभी भूखंड आवंटित हो चुके हैं, जहां पेप्सिको, अमूल, वोल्वो-आयशर, फेना, सुधाकर पाइप्स और इस्कॉन बालाजी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां आ चुकी हैं। वहीं अब विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 की बारी है।


