भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश की सियासत में क्या खिचड़ी पक रही है, इसको जानकार भी ठीक ढंग से नहीं समझ पा रहे हैं, क्योंकि जिस तरह से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने आक्रामक अंदाज अपनाया हुआ है, उससे आने वाले वक्त में एमपी की सियासत में बहुत कुछ बदलता दिखाई दे सकता है, क्योंकि एक समय वो बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हुआ करते थे, लेकिन समय परिस्थिति ने उनको फिर से अपने पद यानी मध्यप्रदेश के मंत्री पर ला खड़ा किया, इसके बाद से उनके मन में कहीं ना कहीं कुंठा तो पनप रही थी, राजनीतिक पंडित बताते हैं कि पार्टी आलाकमान को उन्होंने इससे अवगत करा दिया था कि वो फिर से दिल्ली की राजनीति में आना चाहते हैं, नतीजतन मनमुताबिक नहीं होने पर अब विजयवर्गीय की नाराजगी सतह पर आ गई है।
क्या राज्यसभा जाएंगे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय?
मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है, जिन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म होना हैं, उनमें एमपी के पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह है, जबकि दूसरे बीजेपी के सुमेर सिंह सोलंकी हैं और तीसरे नेता जार्ज कुरियन हैं, जोकि केंद्र सरकार में राज्यमंत्री है। ऐसे में बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलना तय है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी की तरफ से अबकी बार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को मौका मिल सकता है, क्योंकि उन्होंने पार्टी आलाकमान को दिल्ली की राजनीति करने की गुजारिश की है। जिसमें सबसे खास अमित शाह के साथ उनकी मुलाकात का सबसे खास माना जा रहा है।
इंदौर की विधानसभा-1 हो जाएगी महत्वपूर्ण
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को एक अजेय योद्धा माना जाता है, क्योंकि उन्होंने इंदौर-4,2,महू और इंदौर-1 से फतह हासिल कर बता दिया कि कहीं से भी उनको लड़ा दिया जाए, तो वो जीतकर आ सकते हैं। इसी तरह उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय इंदौर की विधानसभा-3 से विधायक रहे हैं, लेकिन अभी सवाल यह उठ रहा है कि अगर कैलाश विजयवर्गीय राज्यसभा जाते है तो इंदौर विधानसभा-1 का दावेदार कौन होगा, तो सियासी गलियारों में खबर है कि पचौरी केंप के पूर्व विधायक संजय शुक्ला जोकि वर्तमान में बीजेपी में है, उनको इस सीट पर लड़ाया जा सकता है, वहीं उनके सामने कांग्रेस से कनुप्रिया सत्तन मैदान में हो सकती है।
दिग्विजय सिंह नहीं जाएंगे राज्यसभा
बीजेपी की तरफ से आने वाले वक्त में तस्वीर साफ हो जाएगी, लेकिन कांग्रेस में भी पशोपेश की स्थिति है, क्योंकि दिग्विजय सिंह ने तो पहले ही साफ इंकार कर दिया है कि वो अब राज्यसभा नहीं जाएंगे, ऐसे उनकी जगह पर कई नाम सामने आ रहे हैं,गइसमें कमलेश्वर पटेल, मीनाक्षी नटराजन, प्रदीप अहिरवार समेत अन्य नाम शामिल है, लेकिन कहा जा रहा है कि इस पर अंतिम इच्छा दिग्विजय सिंह की ही होगा, जिसमें एक नाम खिलचीपुर के पूर्व विधायक प्रियव्रत सिंह का भी है, जोकि पिछला चुनाव हार हार गए थे, और फिलहाल में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं।


