Tuesday, November 3, 2026
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चंदोलहार भूमि पर बाहरी लोगों का कब्जा, विरोध करने पर आदिवासियों को हथियार दिखाकर दी जा रही धमकी

चंदोलहार क्षेत्र में भूमि कब्जे के विरोध में उमरियापान थाना परिसर पहुंचे भटगवां के आदिवासी ग्रामीण, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन।

खबरडिजिटल/अंकित झारिया/उमरियापान: उमरियापान क्षेत्र के ग्राम पंचायत भटगवां अंतर्गत चंदोलहार क्षेत्र की सरकारी एवं निजी भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर और झोपड़ियां बनाकर निवास किया जा रहा है। बुधवार को रूढ़ी प्रथा पारंपरिक ग्राम सभा भटगवां के आदिवासी ग्रामीणों ने उमरियापान पुलिस थाना पहुँचकर कलेक्टर के नाम उमरियापान नायाब तहसीलदार इसरार खान को ज्ञापन सौंपा है। आदिवासी ग्रामीणों ने मामले की जांच कर बाहरी कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर स्लीमनाबाद एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी,स्लीमनाबाद थाना प्रभारी सुदेश सुमन, ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी,उमरियापान थाना से एसआई भरत सिंह मार्को के साथ उमरियापान,ढीमरखेड़ा थाने का पुलिस बल और राजस्व एवं वन विभाग का अमला तैनात रहा।ग्रामसभा के आदिवासी ग्रामीणों ने सौंपें ज्ञापन में बताया कि दूसरे जिलों से आए कुछ लोग भटगवां के चंदौल क्षेत्र में आदिवासियों की निजी एवं शासकीय भूमि पर कब्जा कर जबरन झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। बड़े क्षेत्र में बाड़ी लगाकर खेती का कार्य कर रहे हैं। बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि को कब्जे में लिया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता हैं। कुल्हाड़ी बका व अन्य हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी जाती है। जिससे क्षेत्र के लोग भय और असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। आदिवासी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाहर से आकर बसे लोंगों द्वारा पूर्व से बने क्षेत्र के देवस्थल और धार्मिक आस्था से जुड़े स्थानों को नुकसान पहुंचाया गया था, जिससे आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।असामाजिक गतिविधियों से भटगवां, भसेड़ा और झुनकी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण परेशान हैं।ग्रामीणों ने बताया कि पहले ये लोग जिर्री अमझर गांव में रहकर वहा भी कब्जा जमाए हुए थे। ज्ञापन में कुछ स्थानीय लोगों पर बाहरी लोगों को संरक्षण देने तथा दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग करने का आरोप लगाया है। आदिवासी ग्रामीणों ने ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा कथित रूप से अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों को हटाने की मांग की है। आदिवासी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो रूढ़िप्रथा पारंपरिक ग्रामसभा स्थायी समिति के नेतृत्व में 30 जून को कटनी कलेक्ट्रेट परिसर के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।इस मौके पर पारंपरिक ग्राम सभा के आदिवासी ग्रामीणों की उपस्थिति रही

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