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राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी



राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी
कटनी – 29 अक्टूबर को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) की प्रक्रिया की जानकारी देने हेतु बुधवार को नगर निगम कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगमायुक्त तपस्या परिहार की विशेष मौजूदगी रही।
राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर राकेश बारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे तथा नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि सौरभ अग्रवाल और दीपक तिवारी, तथा डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा उपस्थित रहे।
भारत निर्वाचन आयोग का नौवां विशेष गहन पुनरीक्षण
बैठक में बताया गया कि स्वतंत्रता के बाद यह मतदाता सूची का नौवां विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य है। इससे पूर्व मध्यप्रदेश में वर्ष 2002-2004 में यह प्रक्रिया संपन्न की गई थी।
कार्यक्रम के अंतर्गत मुद्रण व प्रशिक्षण का कार्य 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चलेगा, जबकि घर-घर गणना का कार्य 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची 9 दिसंबर को प्रकाशित होगी।
दावे और आपत्तियां 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक प्राप्त होंगी, जिनकी सुनवाई व प्रमाणीकरण 31 जनवरी 2026 तक होगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
बीएलओ घर-घर जाकर देंगे गणना प्रपत्र
आयोग द्वारा देश के 12 राज्यों में एसआईआर लागू किया गया है। इस दौरान मतदाता सूची फ्रीज कर दी गई है। प्रत्येक मतदाता के लिए विशिष्ट गणना पत्रक (EFS) तैयार किया जाएगा, जिसे बीएलओ घर-घर जाकर वितरित करेंगे।
मतदाताओं को कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे पिछले एसआईआर (2002-2004) की सूची से अपने नाम या परिजनों के नाम का मिलान कर सकेंगे।
पिछले एसआईआर से मिलान न होने पर प्रक्रिया
यदि किसी मतदाता का नाम पिछले एसआईआर से मेल नहीं खाता है, तो संबंधित ईआरओ उसे नोटिस देकर सुनवाई का अवसर देंगे।
ऐसी स्थिति में मतदाता को आयोग द्वारा निर्धारित मान्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर नाम जुड़वाने की सुविधा होगी। इनमें जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, निवास या जाति प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, पेंशन पहचान पत्र, बैंक या सरकारी निकाय द्वारा जारी पहचान पत्र आदि शामिल हैं।
तीन बार घर-घर जाएंगे बीएलओ
विशेष पुनरीक्षण में बीएलओ तीन बार तक मतदाता के घर जाएंगे। यदि पहली या दूसरी बार मतदाता या उसका परिजन घर पर नहीं मिले तो तीसरी बार जाकर डाटाबेस से मिलान कराया जाएगा, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम छूटे नहीं।
स्वयंसेवक होंगे नियुक्त
मतदाताओं की सहायता के लिए स्वयंसेवक (वॉलंटियर) भी नियुक्त किए जाएंगे, ताकि वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, गरीब एवं अन्य संवेदनशील वर्गों के मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मतदान केंद्रों का युक्तिकरण
किसी भी मतदान केंद्र में 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। नई कॉलोनियों, ऊँची इमारतों और झुग्गी बस्तियों में नए मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी इस संबंध में राजनीतिक दलों से परामर्श करेंगे, ताकि एक ही परिवार के सभी सदस्य एक मतदान केंद्र में शामिल रहें।
अपील की प्रक्रिया
मतदाता सूची से संबंधित दावे या आपत्तियों पर असंतुष्ट होने की स्थिति में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपील की जा सकेगी। उनके निर्णय से असंतुष्ट होने पर राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पास अपील का प्रावधान है।

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