रीवा/अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/ रीवा जिले के सिरमौर तहसील अंतर्गत दुलहरा गांव से एक बड़ा खुलासा हुआ है। यहां वन विभाग के सेवानिवृत्त रेंजर शोभानाथ पाण्डेय और उनके परिवार पर गरीबों का हक मारने, बीपीएल सूची में फर्जी तरीके से नाम जोड़ने और शासकीय जमीन अपने नाम दर्ज कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि करोड़ों की संपत्ति वाले इस परिवार में शोभानाथ पाण्डेय, उनका बेटा और अधिवक्ता रामविनय पाण्डेय, बहू आरती, नाती अनुराग और सीधी जिला अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत नातिन अनुराधा, सभी बीपीएल कार्डधारक बनाए गए हैं।
भूमाफिया होने का भी रिटायर्ड रेंजर पर आरोप
इनका बीपीएल परिवार आईडी 33150336 है, जिसके आधार पर वर्षों से गरीबों के लिए मिलने वाला खाद्यान्न इस परिवार द्वारा उठाया जा रहा है। शिकायतकर्ता शिवकुमार पाण्डेय का यह भी आरोप है कि भूतपूर्व रेंजर ने दुलहरा और बल्हरा गांव में कई शासकीय भूमि बिना आदेश के अपने नाम दर्ज करवा ली है, जिसमें आराजी क्रमांक 8/2, 47/2, 1792/1/2 और 1793/1 जैसी जमीनें शामिल हैं। जिसकी शिकायत कलेक्टर से लेकर तहसील कार्यालय तक कई शिकायतें की गईं, लेकिन राजनीतिक रसूख और धनबल के चलते अभी तक किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग
गरीबों के लिए बनाई बीपीएल कार्ड जैसी सुविधा के कई बार पात्र ही घूमते नजर आते हैं, लेकिन उन्हें सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता, ऐसे में रिटायर्ड रेंजर को इस योजना का लाभ मिलना, समझ से परे है, जिस पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।


